बैंकाक में रात्रिकालीन कर्फ्यू जारी
इसके अलावा शहर में स्थिति सामान्य होने के बावजूद यहां कर्फ्यू रविवार को भी बरकरार रहा।
समाचार एजेंसी डीपीए के अनुसार बैंकाक मैट्रोपोलिटन अथॉरिटी ने करीब 3000 कामगारों और स्वयंसेवियों की मदद से सबसे ज्यादा प्रभावित सड़कों की सफाई का काम शुरू किया है।
गत बुधवार को सेना के जवानों ने लूटपाट और आगजनी कर रहे प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की थी। प्रदर्शनकारियों ने 36 इमारतों को आग लगा दी थी। उनमें कुछ शनिवार तक सुलग रही थीं।
शहर में हालात पटरी पर लौट रहे हैं इसके बावजूद सरकार ने शहर से कर्फ्यू नहीं हटाया है। यहां बुधवार से ही रात का कर्फ्यू लगा हुआ है। वैसे इसकी अवधि जरूर घटाई गई है। पहले कर्फ्यू की अवधि रात नौ बजे से सुबह पांच बजे तक थी और यह घटाकर रात 11 बजे से लेकर सुबह पांच बजे तक कर दी गई है।
बैंकाक की परिवहन सेवाएं रविवार को बहाल हो गई हालांकि उनकी अवधि घटाई गई है।
शिक्षा मंत्री चिन्नावोर्न बूनायकियात ने कहा है कि ज्यादातर पब्लिक स्कूल एक सप्ताह के विलंब के पश्चात सोमवार से खुल जाएंगे।
प्रधानमंत्री अभिसित वेज्जाजीवा ने राष्ट्रीय स्तर पर सुलह कायम करने का संकल्प दोहराया है। उन्होंने कहा, "हमने राजधानी बैंकाक और थाईलैंड के अन्य सूबों में व्यवस्था बहाल की है। हमारे समक्ष कई चुनौतियां हैं। प्रमुख चुनौती देश में उभर से मतभेदों पर काबू पाना है।"
इसके बावजूद वेज्जाजीवा के विरोधियों और राजनीतिक शत्रुओं के बीच फौजी कार्रवाई के प्रति आक्रोश है।
यहां ऐसी आशंकाएं व्यक्त की जा रही हैं कि पूर्व प्रधानमंत्री थाकसिन शिनवात्रा से राजनीतिक और वित्तीय समर्थन प्राप्त सरकार विरोधी प्रदर्शनकारी शहरी आतंकवाद पर उतारू हो सकते हैं।
शिनावात्रा के प्रमुख राजनीति सहयोगी चेटॉर्न चायसियांग ने बैंकाक पोस्ट वेबसाइट को बताया कि प्रदर्शनकारी भूमिगत होकर वेज्जाजीवा का तख्तापलट करने की कोशिश कर सकते हैं।
यूनाइटेड फ्रंट फॉर डेमोक्रेसी अगेंस्ट डिक्टेटरशिप ने गत 12 मार्च को प्रदर्शन शुरू किए थे। इन विरोध प्रदर्शनों में 85 लोग मारे गए थे और 1402 घायल हो गए थे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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