तटीय आंध्र प्रदेश में राहत कार्य जारी
चक्रवाती तूफान शुक्रवार को कमजोर पड़ गया था और तटीय इलाकों पर खतरा टल गया। बहरहाल मौसम विभाग की अगले 12 घंटों में बारिश की चेतावनी के कारण राज्य प्रशासन सतर्क है। कुछ तटीय इलाकों में वर्षा अभी तक जारी है।
विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने शनिवार को राहत और बचाव कार्य शुरू किया। चक्रवाती तूफान से सबसे अधिक प्रभावित प्रकाशम जिले के ओंगोल कस्बे और दर्जनों गांवों की स्थिति सबसे खराब है।
आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारियों के अनुसार बाढ़ग्रस्त इलाकों से लोगों को निकालने और भोजन वितरण के काम में सेना के 300 जवानों को लगाया गया है। इंडियन रेडक्रास और यूनिसेफ जैसी स्वयंसेवी संस्थाओं ने भी ओंगोल में राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया है।
विभिन्न स्थानों पर 300 राहत शिविरों में 70,000 से अधिक लोग अभी भी बने हुए हैं। कुछ शिविरों में भोजन, पानी और अन्य आवश्यक सुविधाओं की कमी की शिकायतें मिली हैं।
प्रभावित इलाकों में पीड़ितों को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने और महामारी फैलने से रोकने के लिए 111 स्थाई और 24 सचल चिकित्सा दल कार्य कर रहे हैं।
चक्रवाती तूफान लैला के कारण भारी वर्षा और तेज आंधी से दक्षिण तटीय आंध्र प्रदेश में पिछले तीन दिनों में भारी तबाही हुई। इस आपदा में 27 लोगों की मौत हुई और हजारों एकड़ फसल क्षतिग्रस्त हो गई।
आरंभिक सूचना के अनुसार 172 मकान पूरी तरह से और 265 आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गए।
तूफान से 11,351 हेक्टेयर कृषि फसल और 7,949 हेक्टेयर बागवानी फसल बर्बाद हुई है।
तूफान से सड़कें और पटरियां क्षतिग्रस्त हुईं और बिजली तथा संचार व्यवस्था बाधित हुई। पिछले दो दिनों में 100 से अधिक रेलगाड़ियां रद्द की गईं लेकिन रेल अधिकारियों को शनिवार शाम तक सभी रेल सेवाएं बहाल करने का भरोसा है।
मुख्यमंत्री के.रोसैया शनिवार को तूफान प्रभावित इलाकों का हवाई निरीक्षण करेंगे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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