मैंगलोर विमान हादसा : विमान 30 महीने पुराना था
एयर इंडिया के अधिकारियों के अनुसार, "इस विमान को 15 जनवरी 2008 को बेड़े में शामिल किया गया था और यह कई घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय उड़ानें भर चुका था।"
अधिकारियों ने यह भी कहा कि विमान के कमांडर कैप्टन जेड. ग्लूसिका बहुत अनुभवी पायलट थे। उन्हें 10,200 घंटों से ज्यादा के उड़ान का अनुभव था। ग्लूसिका सर्बियाई मूल के ब्रिटिश नागरिक थे।
इस यात्रा में उनके सहयोगी फर्स्ट ऑफिसर कैप्टन एच. एस. अहलूवालिया के पास 3,600 घंटों से ज्यादा के उड़ान का अनुभव था।
एयर इंडिया के अधिकारियों का कहना है कि ग्लूसिका और अहलूवालिया मैंगलोर हवाई अड्डे के रनवे 'टेबल टॉप' से अच्छी तरह परिचित थे। अहलूवालिया यहां 66 विमानों को उतार चुके थे जबकि ग्लूसिका को यहां 19 विमानों को उतारने का अनुभव था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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