आईएसआई ने की थी मदद की पेशकश : जीएनएलए

शिलांग, 22 मई (आईएएनएस)। मेघालय में सक्रिय आतंकवादी संगठन गारो नेशनल लिबरेशन आर्मी (जीएनएलए) ने कहा है कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई और जिहादी गुटों ने उसे मदद की पेशकश की थी।

जीएनएलए के प्रमुख चैम्पियन आर. संगमा ने एक अज्ञात स्थान से आईएएनएस को फोन पर बताया, "आईएसआई और बहुत से जिहादी गुटों ने जीएनएलए को मदद की पेशकश की थी लेकिन मैंने इंकार कर दिया।"

मेघालय पुलिस के पूर्व पुलिस अधीक्षक संगमा ने कथित तौर पर अपने वरिष्ठ अधिकारियों की कथित प्रताड़ना से तंग आकर नौकरी छोड़ दी थी और जीएनएलए का गठन किया था।

उसके संगठन के सदस्यों में अधिकांश नेशनल डेमोक्रेटिक फ्रंट ऑफ बोडोलैंड (एनडीएफबी), अचिक नेशनल वोलंटियर्स कौंसिल (एएनवीसी) और लिबरेशन ऑफ अचिक नेशनल इलीट फोर्स (एलएईएफ)के पूर्व सदस्य शामिल हैं।

संगमा ने कहा, "जीएनएलए में हम भारत के हितों के विरूद्ध नहीं बल्कि गारो पहाड़ियों के लिए भारतीय संविधान के दायरे में काम कर रहे हैं।"

संगमा ने चीन, थाईलैंड और म्यांमार में कई मित्र होने तथा नागालैंड और मणिपुर के कई आतंकवादी संगठनों का जिक्र किया जो उसके संगठन की मदद को तैयार हैं।

उसका कहना है कि वरिष्ठ अधिकारियों की प्रताड़ना से तंग आकर उसने नौकरी छोड़ी और अपना संगठन बनाया। संगमा का कहना है, "मैंने सरकार और मेघालय के पुलिस महानिदेशक के समक्ष गुहार लगाई थी लेकिन उन्होंने कभी मेरी शिकायतों पर ध्यान नहीं दिया। इसलिए मैंने अपना संगठन बनाने का फैसला किया।"

वर्ष 2007 में गठित इस आतंकवादी संगठन को पिछले सप्ताह इसके संस्थापक और महासचिव नोवमबर्थ मराक के सिलीगुड़ी से गिरफ्तार होने से आघात पहुंचा था। इसके पांच सदस्य शुक्रवार को गिरफ्तार हुए।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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