मुकेश अंबानी का राजनीतिक सर्वे शुरू
ठीक उसी प्रकार अंबानी ने लोगों की मंशा जानने के लिए सर्वेक्षण शुरू कर दिया है। इसके लिए उन्होंने ऑबजरवर रिसर्च फाउंडेशन का गठन किया है। फिलहाल इस फाउंडेशन के गठन की अधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन कई बड़े राजनेताओं के इसमें शामिल होने की सुगबुगाहट जरूर है। राजनीतिक गलियारों में मौजूद नेताओं से प्राप्त जानकारी के मुताबिक कांग्रेस सांसद राजीव शुक्ला उनके सलाहकार की भूमिका निभा रहे हैं।
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वहीं बिहार के मुख्यमंत्री नितीश कुमार, बिहार के ही सांसद एनके सिंह, उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले से सांसद अनु टंडन लगातार मुकेश अंबानी के संपर्क में बनी हुई हैं। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के मुख्य राजनीतिक सलाहकार रहे नरेंद्र कुलकर्णी मुकेश अंबानी से जुड़ चुके हैं।
खबर यह भी है कि नितीश कुमार और एनके सिंह अंबानी और कांग्रेस के बीच पुल का काम कर रहे हैं। राजनीतिक गलियारे में स्थित बंद कमरों में चल रही इन गतिविधियों से यह साफ है कि अंबानी की पार्टी सीधे रूप से कांग्रेस का ही समर्थन करेगी। अगर व्यापारिक दृष्टिकोण से देखें तो महाराष्ट्र में कांग्रेस सरकार होने के नाते, अंबानी के कई कांग्रेसी नेताओं से अच्छे और गहरे ताल्लुक हैं।
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अंबानी के इस कदम पर लखनऊ विश्वविद्यालय के राजनीतिशास्त्र के विशेषज्ञ प्रो. एसके द्विवेदी का कहना है कि अच्छा होगा अगर अंबानी नए दल का गठन न करें, अगर वो किसी नए कॉन्सेप्ट के साथ आना चाहते हैं, तो कोई भी दल चुनकर उसे मजबूती प्रदान करें। क्योंकि जितने ज्यादा दल होंगे, राजनीतिक अस्थिरता उतनी अधिक होगी। भारत की बात करें तो यहां सबसे ज्यादा फोकस ग्रामीण जनता पर करना होगा।
शायद ये जनता इन्हें वोट न दे। ग्रामीण जनता उसी की होती है, जो उसके करीब रहता है और इस काम में प्रादेशिक दलों को महारथ हांसिल है। इस लिहाज से अंबानी को इस महासमर में पैर जमाने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगाना होगा।













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