रुचिका मामले में 25 मई को होगा फैसला
इस मामले में राठौड को छह महीने सश्रम कैद की सजा सुनाई गई थी। हालांकि राठौड को जल्द ही जमानत मिल गई थी। इससे पहले 11 मई को स्थानीय अदालत ने सजा को चुनौती वाली याचिका की सुनवाई के दौरान कहा था कि अदालत 20 मई को अपना फैसला सुनाएगी। रुचिका के लिए न्याय की मांग करने वाले निश्चितरूप से राठौड़ के लिए लंबे समय के कारावास की उम्मीद कर रहे हैं।
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अगस्त 1990 में हरियाणा के पंचकुला में 15 साल की रुचिका के साथ छेड़छाड़ के मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की एक विशेष अदालत ने पिछले साल दिसंबर में राठौड़ को दोषी ठहराया था। छेड़छाड़ की घटना के तीन साल बाद परेशान रुचिका ने आत्महत्या कर ली थी।
सीबीआई इस मामले में राठौड़ की सज़ा बढ़ाने की मांग कर रही है। उसका कहना है कि राठौड़ को छेड़छाड़ के लिए छह महीने के बदले दो साल की सज़ा दी जाए। जांच एजेंसी का कहना है कि पूर्व डीजीपी को जिन धाराओं के तहत दोषी करार दिया गया है, उन्हीं के आधार पर अधिकतम सज़ा दी जानी चाहिए।













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