एटीएम के जनक का निधन
ब्रिटिश समाचार पत्र 'डेली एक्सप्रेस' के मुताबिक जॉन ने शनिवार को इनवरनेस अस्पताल में अंतिम सांस ली। वह कुछ दिनों से बीमार चल रहे थे।
जॉन के मस्तिष्क में एटीएम का ख्याल उस वक्त आया था, जब वह पैसे निकालने के लिए बैंक गए लेकिन तब तक देर हो गई थी। उन्होंने सोचा कि चॉकलेट वेंडिंग मशीन की तरह पैसे के लिए मशीन बनाया जा सकता है। उन्होंने ही चार अंकों वाले पिन नंबर के बारे में भी सोचा था।
लंदन स्थित बार्कले एनफिल्ड शाखा में पहली बार 27 जून, 1967 को एटीएम स्थापित किया गया था। एटीएम पिन अंकों को लेकर भी जॉन का अनोखा अनुभव था।
जॉन ने पहले छह अंकों वाले पिन का इस्तेमाल किया था। एक बार उन्होंने पिन अंकों को लेकर अपनी पत्नी की स्मरण शक्ति की परीक्षा ली लेकिन उन्हें केवल चार अंक ही याद थे। इसके बाद से ही चार अंकों का पिन प्रचलन में आया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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