सोनिया, राहुल उप्र के विकास पर गंभीर नहीं : शाही
लखनऊ स्थित पार्टी मुख्यालय में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में शाही ने कहा कि सोनिया और राहुल वैसे तो पूरे उत्तर प्रदेश के विकास के लिए गंभीर होने का नाटक करते हैं लेकिन वास्तविकता यह है कि दोनों के लिए विकास केवल उनके संसदीय क्षेत्रों रायबरेली और अमेठी तक ही सीमित है।
उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड और पूर्वाचल के पिछड़ेपन के लिए सोनिया और राहुल केवल घड़ियाली आंसू बहाकर नौटंकी करते हैं। अगर वह सचमुच सम्पूर्ण उत्तर प्रदेश के विकास के लिए गंभीर हैं, तो उनके विकास का एजेंडा केवल अमेठी और रायबरेली तक ही क्यों सीमित रहता है।
माइक्रोसॉफ्ट कोर्पोरेशन के अध्यक्ष बिल गेट्स की हाल की रायबरेली और अमेठी यात्रा पर चर्चा करते हुए शाही ने कहा कि जब बिल गेट्स को प्रदेश के गांवों की गरीबी दिखाने की बात आई तो राहुल उन्हें लेकर अमेठी और रायबरेली के गांव ही क्यों गये।
"मैं पूछना चाहता हूं कि क्या गरीबी केवल अमेठी और रायबरेली के गांवों में ही है। बुंदेलखंड और पूर्वाचल के गांवों में नहीं है, जहां लोगों के लिए मूलभूत सुविधाएं नहीं है और हर साल गरीब किसान आत्महत्या करने को मजबूर रहते हैं।"
बहुजन समाज पार्टी (बसपा) एवं समाजवादी पार्टी (सपा) पर अपने निहित स्वार्थ के लिए कांग्रेस से सांठगांठ करने का आरोप लगाते हुए शाही ने कहा कि दोनों जनता के सामने कांग्रेस के खिलाफ विरोध करने का केवल झ्झूठा नाटक करते हैं।
उन्होंने जोर दिया कि अगर बसपा और सपा जनता की समस्याओं के लिए गंभीर होते तो संसद में संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार के खिलाफ भाजपा द्वारा लाए गए कटौती प्रस्ताव पर कांग्रेस की सरकार गिराने में भाजपा की मदद करते।
उन्होंने कहा कि तीनों दल आपस में सांठगांठ करके सांप्रदायिकता को बढ़ावा दे रहे हैं। तीनों में वोट बैंक की होड़ मची हुई है।
भाजपा के युवा नेता वरुण गांधी द्वारा बुधवार को यह कहे जाने पर कि प्रदेश में 2012 के विधानसभा चुनाव के बाद भाजपा लखनऊ में मायावती की मूर्तियां उखाड़कर उस स्थान पर भगवान राम की मूर्तियां लगाएगी, शाही ने कहा कि यह वरुण की निजी राय है। यह पार्टी की राय नहीं है।
उन्होंने कहा कि यह वरुण का सुझ्झाव था। पार्टी उस पर विचार करेगी। भाजपा हमेशा संवैधानिक व्यवस्था पर विश्वास करती है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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