कराची में हिंसा, 25 मरे
पाकिस्तानी समाचार पत्र 'द न्यूज' के अनुसार कराची में हिंसा की शुरुआत मंगलवार देर रात को हुई जो गुरुवार सुबह भी जारी रही। शहर में मुत्तहिदा कौमी मूवमेंट (एमक्यूएम), अवामी नेशनल पार्टी (एएनपी), मुहाजिर कौमी मूवमेंट (एमक्यूएम) और जमात-ए-इस्लामी (जेआई) के कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया गया।
एमक्यूएम सिंध और संघीय सरकारों में कनिष्ठ सहयोगी है। दोनों सरकारों की कमान पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के हाथ में है। एएनपी भी संघीय गठबंधन का हिस्सा है।
गौैरतलब है कि कराची में एमक्यूएम और एएनपी अपने-अपने समुदाय के हितों के लिए झगड़ते रहते हैं। मंगलवार रात से जारी हिंसक झड़पों की वजह से प्रशासन ने आतंकवाद निरोधी कानून (एटीए) के तहत कराची में कानून और व्यवस्था की जिम्मेदारी अर्धसैनिक बल पाकिस्तानी रैंजर्स को सौंप दी है।
'द न्यूज' के मुताबिक हिंसक झड़पों में लोगों के मारे जाने के बाद उग्र भीड़ ने बसों, व्यापारिक प्रतिष्ठानों और पुलिसकर्मियों को निशाना बनाया। गुरुवार को शहर के सभी शैक्षणिक प्रतिष्ठान बंद रहे।
मंगलवार रात को कराची के शाह फैजल कॉलोनी में हिंसा उस वक्त भड़की जब एएनपी कार्यकर्ता नबी खान और एक मोबाइल फोन डीलर को सशस्त्र लोगों ने गोली मार दी। इसके बाद एमक्यूएम के कार्यकर्ता मोहम्मद हनीफ की गोली मारकर हत्या कर दी गई।
मंगलवार को रात भर शाह फैजल कॉलोनी में हिंसक घटनाएं होती रही। इसके बाद अन्य इलाकों से भी हिंसा की खबरें आने लगी। गुरुवार को कराची के लकी स्टार इलाके में एएनपी की रैली पर सशस्त्र लोगों ने हमला कर दिया, जिसमें पार्टी नेता महमूद मारे गए।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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