3जी नीलामी : स्पष्ट विजेताओं के संकेत के बाद समेकन
नई दिल्ली, 19 मई (आईएएनएस)। देश में जिस पारदर्शिता के साथ तीसरी पीढ़ी (3जी) की दूरसंचार सेवा के लिए तरंगों की नीलामी को संपन्न कराया गया है, विश्लेषकों ने इसका स्वागत किया है। लेकिन उनकी चिंता अब इस सेवा की कीमतों को लेकर है, साथ ही इस बात को लेकर भी कि कुछ बोली लगाने वाले स्पष्ट विजेता के रूप में उभरे हैं।
दूरसंचार परामर्शदात्री संस्था कॉम फर्स्ट के महेश उप्पल ने कहा, "संख्या इतनी बड़ी और अस्वाभाविक है कि कोई भी इस क्षेत्र में एक समेकन की उम्मीद रखेगा।"
पूंजी बाजार पर चिंतन-मनन करने वाली और प्रमुख ब्रोकरेज संस्था, क्वोंटम सिक्युरिटीज के संजय दत्त ने भी उप्पल से सहमति जताई। उन्होंने कहा कि इस तरह के विस्तार में सफलता हमेशा प्रभावी लोगों को ही मिल पाती है।
दत्ता ने आईएएनएस से कहा, "मैं समझता हूं कि रिलायंस इस पूरे खेल में वास्तविक विजेता के रूप में उभरा है। इसने श्रेष्ठ सर्किल्स का 80 प्रतिशत हथिया लिया है, वह भी 8,500 करोड़ रुपये में। यह कंपनी अब बाकी बचे सर्किल्स को भी आसानी से हथिया सकती है।"
दत्ता ने कहा कि सच्चाई यह है कि रिलायंस जीएसएम और सीडीएमए, दोनों क्षेत्रों में सेवाएं दे रहा है। इस कंपनी को अपनी उपलब्ध सर्वोत्तम अधोसंरचना का भी लाभ मिलेगा।
ज्ञात हो कि निजी कंपनियों को 3जी दूरसंचार सेवाओं के लिए तरंगों की नीलामी का काम बुधवार को संपन्न हो गया। इसके साथ ही इस नीलामी के जरिए सरकारी खजाने में 67,718.95 करोड़ की राशि आनी तय हो गई।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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