तिब्बत मुद्दे पर चीन से गंभीर वार्ता चाहते हैं दलाई लामा
केंद्रीय तिब्बत प्रशासन (सीटीए) की वेबसाइट पर जारी एक पोस्ट के अनुसार मंगलवार को अमेरिका में एक साक्षात्कार के दौरान दलाई लामा ने कहा, "पूरी दुनिया जानती है कि मैं तिब्बत की स्वतंत्रता के लिए नहीं कह रहा हूं जबकि चीनी सरकार लगातार यह दावा कर रही है कि मैं एक अलगाववादी हूं। समस्या यही है।"
इस समय अमेरिका के दौरे पर गए दलाई लामा ने कहा कि चीनी नेतृत्व को यह स्वीकार करने की आवश्यकता है कि तिब्बती समस्या है और गंभीर चर्चा शुरू करनी चाहिए। एक बार वार्ता शुरू होने पर यह तिब्बत में और तिब्बती लोगों के लिए होनी चाहिए, जिनको इसमें सक्रिय हिस्सा लेना चाहिए। वर्तमान में तिब्बत में रहने वाले तिब्बतियों के दिमाग में डर है कि कुछ बोलने पर उनको अलगाववादी बताया जाएगा।
दलाई लामा ने कहा, "पहले भी मैंने चीनी सरकार से अपनी किसी भूमिका के लिए नहीं कहा और मैं भविष्य में भी ऐसी किसी चीज के लिए नहीं कहूंगा।"
यह पूछे जाने पर कि क्या वह तिब्बती लोगों के भविष्य को लेकर चिंतित हैं, 74 वर्षीय बुजुर्ग ने कहा, "एक निर्वाचित निर्वासित नेतृत्व है। सभी तिब्बती बौद्ध वंशों से युवा और आध्यात्मिक गुरु उभर रहे हैं। मैं चिंतित नहीं हूं।"
तिब्बती समस्या का कोई हल खोजने के लिए चीनी नेतृत्व और दलाई लामा के प्रतिनिधि वर्ष 2002 से नौ दौर की वार्ता कर चुके हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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