'मायापुरी में विकिरण का स्तर सामान्य नहीं' (लीड-1)
संगठन ने कहा कि विकिरण रिसाव की इस घटना को एक चेतावनी के रूप में लिया जाना चाहिए।
संगठन के एक दल ने बुधवार सुबह मायापुरी के कबाड़ बाजार का सर्वेक्षण किया। संगठन की ओर से कहा गया कि पिछले सप्ताह के मुकाबले विकिरण के स्तर में काफी कमी आई है। पिछले सप्ताह संगठन की ओर से इलाके में विकिरण के उच्च खतरे की बात कही गई थी।
ग्रीनपीस के एक प्रवक्ता ने कहा, "अभी विकिरण का स्तर कम हुआ है लेकिन यह सामान्य नहीं है। सामान्य स्तर पर लाने के लिए विस्तृत हैंडलिंग, परीक्षण और पुन:परीक्षण की जरूरत है। हमें आगे के बारे में चर्चा करने की जरूरत है।"
सरकार की ओर से दावा किया गया था कि विकिरण का स्तर सामान्य हो गया है। इसकी समीक्षा के लिए संगठन की ओर से गत 14 मई को कबाड़ बाजार का सर्वेक्षण किया गया था।
ग्रीनपीस ने छह स्थानों पर विकिरण का स्तर सामान्य से अधिक बताया था। इनमें से दो स्थानों पर तो विकिरण का स्तर सामान्य से 5000 गुना अधिक है।
इसके बाद से परमाणु ऊर्जा नियामक बोर्ड (एईआरबी), राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) का राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल, भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (बीएआरसी) और नरोरा परमाणु विद्युत केंद्र का एक दल मायापुरी में हुए विकिरण के स्तर को दूर करने में जुटा हुआ है।
ग्रीनपीस इंडिया के परमाणु विरोधी प्रचारक करुणा रैना ने कहा, "परमाणु नियामक प्रणाली में सभी कमियों का पता लगाकर उन्हें दूर करने की जरूरत है। मौजूदा समय में सरकार द्वारा प्रस्तावित नागरिक परमाणु प्रसार के लिए हम तैयार नहीं हैं।"
रेडियोधर्मी पदार्थ कोबाल्ट-60 के विकिरण की चपेट में आने से एक व्यक्ति की मौत हो गई थी और छह घायल हो गए थे। इन सभी का अब भी इलाज चल रहा है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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