आंध्र में खाली कराए जा रहे हैं तटीय क्षेत्र (लीड-1)

चक्रवाती तूफान 'लैला' के तटों पर पहुंचने के मुश्किल से 12 घंटे पहले आंध्र प्रदेश में इससे निपटने की तैयारियों में तटों को खाली कराया जा रहा है।

राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) की टीमें और चार हेलीकॉप्टर राहत एवं बचाव कार्य के लिए पहले ही तट पर पहुंच गए हैं। एक अधिकारी ने बताया कि एनडीआरएफ के 500 से अधिक कर्मचारी उड़ीसा और तमिलनाडु से 79 नौकाओं के साथ आंध्र प्रदेश पहुंच गए हैं।

नौ तटीय जिलों में राहत एवं बचाव कार्य की निगरानी के लिए नौ वरिष्ठ अधिकारियों को नियुक्त किया गया है जबकि चक्रवात के प्रभाव में आने वाले संभावित जिलों में मंत्री भी पहुंच रहे हैं।

लैला का केंद्र मछलीपट्टनम के दक्षिण-दक्षिणपश्चिम में 320 किलोमीटर दूर है।

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) का कहना है, "चक्रवात के मजबूत होने और पश्चिमोत्तर से उत्तर दिशा में बढ़ने और नेल्लौर व काकिनाडा के बीच आंध्र प्रदेश तट पार करते हुए 20 मई की सुबह तक मछलीपट्टनम के नजदीक पहुंचने का अनुमान है।"

आईएमडी ने चक्रवात के दौरान भारी से बहुत भारी बारिश (25 सेंटीमीटर) होने और 115-125 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी जारी की है।

मौसम विभाग ने मछुआरों को मछलियां न पकड़ने, तटों से दूर रहने और तटीय क्षेत्र में रहने वाले लोगों को घरों के अंदर रहने की सलाह दी है।

तटीय जिलों से 50,000 लोगों को पहले ही हटा लिया गया है। समुद्र तटों के नजदीक और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को बुधवार रात तक सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए कहा गया है।

सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री जे. गीता रेड्डी ने पत्रकारों से कहा, "सरकार ने जिला कलेक्टरों से निचले इलाकों से लोगों को हटाने के लिए आवश्यक हो तो पुलिस बल प्रयोग करने के लिए कहा है।"

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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