अफगानिस्तान को भारतीय सहायता जारी रहेगी : एंटनी
भारतीय रक्षा मंत्री ए. के. एंटनी ने ओमान के दो दिवसीय दौरे पर मस्कट में अपने समकक्ष सईद बद्र बिन सऊद बिन हरीब अल बुसैदी के साथ बातचीत के दौरान ये बातें कहीं।
मंत्री के साथ गए एक भारतीय अधिकारी ने बताया कि दोनों नेताओं ने आतंकवाद और अफगानिस्तान सहित कई मुद्दों पर चर्चा की।
अफगानिस्तान का जिक्र करते हुए एंटनी ने कहा, "अफगानिस्तान में हमारा (भारत और ओमान) साझा उद्देश्य है और यह सुनिश्चित करने की जरूरत है कि वह देश दोबारा आतंकवादियों का अड्डा या सुरक्षित पनाहगाह न बनने पाए। हम स्थिर, एकीकृत और लोकतांत्रिक अफगानिस्तान का निर्माण चाहते हैं।"
अफगानिस्तान में भारत 1.3 अरब डॉलर की लागत से विभिन्न पुनर्निमाण परियोजनाओं पर काम कर रहा है।
एंटनी ने कहा, "अफगानिस्तान में भारत की मदद से चलाए जा रहे कार्यक्रम जारी रहेंगे हालांकि काबुल में हमारे दूतावास पर आतंकवादी हमलों के चलते हमने कई कर्मचारियों को खोया है।"
अफगानिस्तान में विभिन्न पुनर्निमाण परियोजनाओं में 3,500 से ज्यादा भारतीय शामिल हैं और पिछले तीन सालों के दौरान विभिन्न आतंकवादी हमलों में 17 भारतीय मारे जा चुके हैं।
अफगानिस्तान में वर्ष 2008 में नौ भारतीय मारे गए जिसमें काबुल में भारतीय दूतावास पर हुए आतंकवादी हमले में मारे गए सात लोग शामिल हैं। इसके अलावा 2009 में एक और 2010 में सात भारतीय मारे जा चुके हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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