महाराष्ट्र सरकार खरीदेगी बुलेट-प्रूफ जैकेट
एक अधिकारी ने मंगलवार को बताया कि सरकार इस बार कोई खतरा नहीं मोल लेना चाहती और उसकी योजना बाजार में मौजूद सबसे बेहतर उत्पादों को खरीदने की है।
पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) ए. एन. रॉय बुधवार को बुलेट-प्रूफ जैकेट और हेलमेट के निर्माताओं के साथ बैठक करेंगे। इसी दौरान वह निर्माताओं द्वारा प्रस्तुत उत्पादों को भी देखेंगे।
पिछले सप्ताह राज्य पुलिस ने बुलेट-प्रूफ जैकेट और हेलमेट की आपूर्ति करने वाली कंपनियों से आवेदन मांगा था।
पुलिस उपमहानिरीक्षक (प्रोविजंस) दिलीप श्रीराव ने भी संभावित आपूर्तिकर्ताओं को डीजीपी के साथ बैठक में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया। आपूर्तिकर्ताओं से प्रत्येक उत्पाद के दो नमूने लाने के लिए भी कहा गया है।
इस बैठक में निर्माता डीजीपी और अन्य शीर्ष पुलिस अधिकारियों को अपने उत्पादों, उसका तकनीकी विवरण, पहनने वाले की सुरक्षा, विभिन्न प्रकार की बंदूकों से चलाई गई गोली को प्रतिरोध करने की क्षमता के बारे में विस्तार से बताएंगे।
मुंबई हमलों के बाद विपक्षी दल भाजपा और शिवसेना ने कांग्रेस की अगुवाई वाली राज्य सरकार की आलोचना करते हुए आरोप लगाया था कि पूर्व में घटिया स्तर के बुलेट-प्रूफ जैकेट और हेलमेट खरीदे गए थे।
इन आरोपों में कहा गया था कि 26/11 हमले के दौरान बुलेट-प्रूफ जैकेट और हेलमेट पहने होने के बावजूद आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) के प्रमुख हेमंत करकरे की गोलियां लगने से मौत हो गई थी।
राजनीतिक मुद्दा बनने के बाद इस मामले की एक विस्तृत जांच हुई जिसमें खुलासा हुआ कि बुलेट-प्रूफ जैकेट और हेलमेट की खरीद से संबंधित संवेदनशील फाइलें गायब हैं।
बाद में यह पता चला कि करकरे ने जो जैकेट पहनी थी उसे एक सफाईकर्मी ने गलती से फेंक दिया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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