शूटर्स के उत्पीड़न पर चिंतित गिल
गिल ने रविवार को खेल मंत्रालय के उच्चाधिकारियों के साथ बैठक की। खेल मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया "मीडिया में छपी उत्पीड़न संबंधी खबरों को खेल मंत्री ने गंभीरता से लिया है। उन्होंने इस सिलसिले में मंत्रालय के अधिकारियों के साथ एक बैठक भी की। उन्होंने अधिकारियों को एआरएआई तथा उच्चायोग से इस घटना की विस्तृत जानकारी इकट्ठा करने का निर्देश दिया है।"
एनआरएआई के महासचिव बलजीत सिंह सेठी ने बताया कि यह साफ तौर पर नस्लवादी उत्पीड़न का मामला है। "वे अभी भी हमें अपने दास की तरह देखते हैं। 2002 में मैनचेस्टर में हुए राष्ट्रमंडल खेलों के दौरान भी ऐसी घटनाएं हुई थीं।" उल्लेखनीय है कि ब्रिटेन के डोरसेट में परिवहन विभाग के अधिकारियों ने भारतीय खिलाड़ियों के साथ अशिष्ट व्यवहार किया। भारतीय टीम के मैनेजर टी पद्मनाभन के मुताबिक इन अधिकारियों ने भारतीय शूटर्स के साथ दुर्व्यवहार भी किया। इस के अलावा राष्ट्रमंडल खेलों के स्वर्ण विजेता मानवजीत सिंह संधु ने स्वीकारा कि ब्रिटेन के परिवहन अधिकारियों ने हमारे कुछ खिलाड़ियों के साथ बहुत ही बुरा बर्ताव किया।













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