6 ग्रामीणों की हत्या, 2 नक्सली ढेर (लीड-3)
छत्तीसगढ़ के पुलिस महानिदेशक विश्व रंजन ने आईएएनएस को बताया कि राजनांदगांव जिले में ऊचापुर गांव के मानपुर वन क्षेत्र से ग्रामीणों ने सुबह इन छह शवों को बरामद किया।
पुलिस के लिए मुखबिरी करने का आरोप लगाते हुए इस हफ्ते की शुरुआत में नक्सलियों ने गांव के 36 वर्षीय सरपंच भीलसाई मंदवई के साथ अन्य पांच लोगों को अगवा कर लिया था। बाद में सभी की गला रेत कर हत्या कर दी गई।
नक्सलियों द्वारा नागरिकों को निशाना बनाने की ताजा घटना से महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले की सीमा से सटे राजनंदगांव जिले के लोग दहशत में हैं।
जिले में नक्सल विरोधी अभियान के लिए पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवान तैनात किए गए हैं, हालांकि ऊचानपुर और तारेगांव के घने जंगलों तक सुरक्षा बल अभी पहुंच नहीं पा रहे हैं। इस इलाके में नक्सली घात लगाकर हमला करते हैं।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा,"ग्रामीणों ने नागरिकों के शवों को एक ट्रैक्टर ट्राली पर लाद कर हमारे पास लाया और हमने उन्हें पूरी मदद मुहैया कराई। हम महाराष्ट्र सीमा से लगे इलाके में जाने में सतर्कता बरत रहे हैं। नक्सलियों ने इसी इलाके में पिछले साल जुलाई में पुलिस के एक काफिले पर हमला किया था जिसमें जिला पुलिस अधीक्षक बी. के. चौबे सहित 29 पुलिकर्मियों की मौत हो गई थी।"
राजनंदगांव जिले के पुलिस अधीक्षक प्रवीर दास ने कहा, "कुछ शवों का चेहरा वीभत्स हो गया था। चेहरों को कुचल दिया गया था। ग्रामीणों की हत्या नक्सलियों का विरोध करने और उनकी हिंसक कार्रवाई का विरोध करने के कारण हुई।"
दंतेवाड़ा के पुलिस अधीक्षक अमरेश मिश्र ने बताया कि एक अलग घटना में जिले के किरानदुल इलाके में पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ में दो नक्सली ढेर हो गए।
पुलिस ने लौह अयस्क बहुल किरानदुल और बचेली इलाके से 12 बोर की दो बंदूक और कुछ टीफिन बम और राष्ट्रीय खनिज विकास निगम (एनएमडीसी) के खिलाफ लिखे पोस्टर बरामद किए हैं।
उल्लेखनीय है कि गत छह अप्रैल को राज्य के दंतेवाड़ा जिले में नक्सली हमले में सुरक्षा बलों के 76 जवान शहीद हो गए थे। इसके बाद नक्सलियों ने आठ मई को बीजापुर जिले में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के वाहन पर हमला किया था। इसमें आठ जवान शहीद हुए थे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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