कामकाजी महिलाओं के खिलाफ कोई फतवा नहीं : देवबंद
उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में स्थित देवबंद के प्रवक्ता मौलाना अदनान मुंशी ने कहा, "हमने शरिया के आधार पर केवल एक विचार रखा था कि सरकारी और निजी कार्यालयों में महिलाओं को उपयुक्त वस्त्र पहनने चाहिए।"
उन्होंने एक मीडिया रिपोर्ट से इंकार किया कि संस्था ने पुरुषों और महिलाओं के साथ काम करने का विरोध किया है।
मौलाना मुंशी ने आईएएनएस से कहा कि कोई भी फतवा जारी नहीं किया गया है।
जमात-उलेमा-ए-हिंद के महासचिव मौलाना एन.ए.फारूकी ने कहा कि देवबंद की बात को सही संदर्भ में देखा जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि इस्लाम में महिलाओं को काम करने की मनाही नहीं है लेकिन घर से बाहर निकलने पर उनको उपयुक्त पोशाक पहनना आवश्यक है।
कांग्रेस सांसद राशिद अल्वी ने कहा कि हर धर्म का अपना नियम हो सकता है कि देश का कानून सबसे ऊपर है।
अल्वी ने आईएएनएस से कहा कि एक मौलवी धर्म के अनुसार कह सकता है लेकिन जब धार्मिक और संविधान के बीच विरोध हो तो संविधान ऊपर होगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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