मुइवा से केंद्र की वार्ता विफल, मणिपुर की नाकेबंदी जारी
नागालैंड की राजधानी कोहिमा से करीब 20 किलोमीटर दूर विस्वेमा गांव में पिल्लै ने नेशनल सोशलिस्ट कौंसिल ऑफ नागालैंड के इसाक-मुइवा गुट (एनएससीएन-आईएम) के महासचिव मुइवा से मुलाकात की और उनकी बातचीत करीब 90 मिनट तक चली।
बैठक के बाद एनएससीएन-आईएम के एक वरिष्ठ नेता नेता वी.एस.अतेम ने संवाददाताओं से कहा, "पिल्लै ने सुझाव दिया कि स्थिति के सामान्य होने तक मुइवा को मणिपुर में अपने जन्म स्थान का दौरा स्थगित कर देना चाहिए लेकिन मुइवा ने स्पष्ट कहा कि वह लंबे समय तक इंतजार नहीं कर सकते और अपना दौरा स्थगित नहीं करेंगे।"
बैठक के दौरान नागालैंड के मुख्यमंत्री नेफियू रियो, नागा शांति वार्ता के लिए केंद्र सरकार के वार्ताकार आर.एस.पांडे और एनएससीएन-आईएम के शीर्ष नेताओं के साथ नागरिक समाज और जनजातीय परिषदों के नेता भी उपस्थित थे।
वार्ता के किसी परिणाम तक नहीं पहुंचने के बाद पांडे ने कहा, "गतिरोध समाप्त करने के लिए हम समुदाय के सभी हिस्सों से वार्ता जारी रखेंगे।"
इससे पहले बुधवार को मणिपुर में आवश्यक वस्तुओं से लदे ट्रकों के प्रवेश का रास्ता साफ करने के लिए कोई हल निकालने के वास्ते पिल्लै ने नागालैंड के मुख्यमंत्री से अलग वार्ता की।
मुइवा को अपने जन्म स्थान के दौरे की अनुमति नहीं देने के मणिपुर सरकार के फैसले के विरोध में विभिन्न नागा संगठनों ने राज्य की आर्थिक नाकेबंदी कर दी है। इससे मणिपुर में आवश्यक खाद्य पदार्थो की कमी होने का खतरा पैदा हो गया है।
आवश्यक सामानों से लदे हजारों ट्रक राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 39 पर खड़े हैं जो मणिपुर की जीवन रेखा माना जाता है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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