कजाकिस्तान के साथ परमाणु समझौता शीघ्र : कृष्णा
कजाकिस्तान के विदेश मंत्री कनात सउदाबायेव के साथ एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में कृष्णा ने कहा, "मुझे भरोसा है कि नागरिक परमाणु ऊर्जा सहयोग के क्षेत्र में एक अंतर-सरकारी समझौते को शीघ्र ही अंतिम रूप दिया जाएगा।"
नागरिक परमाणु क्षेत्र में सहयोग के संभावित क्षेत्रों का उल्लेख करते हुए कृष्णा ने कहा, "यूरेनियम अयस्क की आपूर्ति, कजाकिस्तान में खनन में भारतीय कंपनियों द्वारा निवेश, परमाणु रिएक्टरों के निर्माण और अन्य क्षेत्रों सहित इस क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग की असीमित संभावनाएं हैं।"
कजाकिस्तान आस्ट्रेलिया के बाद दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा यूरेनियम उत्पादक देश है। आस्ट्रेलिया ने पहले ही कह दिया है कि परमाणु अप्रसार संधि (एनपीटी) पर हस्ताक्षर नहीं करने वाले भारत को वह यूरेनियम की आपूर्ति नहीं करेगा।
मंगलवार को कजाकिस्तान के तीन दिवसीय दौरे पर पहुंचने वाले कृष्णा राष्ट्रपति नूरसुल्तान नजरबायेव, प्रधानमंत्री करीम मैसीमोव से बुधवार देर शाम मुलाकात करेंगे। राष्ट्रपति नजरबायेव वर्ष 2009 के गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि थे।
कृष्णा ने हाइड्रोकॉर्बन क्षेत्र में भी सहयोग बढ़ने की उम्मीद जताई।
उन्होंने कहा, "मुझे भरोसा है कि ओएनजीसी विदेश लिमिटेड (ओवीएल) और कजमुनाईगैस के बीच स्तेपायेव तेल क्षेत्र में तेल खोज और उत्पादन के लिए शीघ्र समझौता होगा।"
कृष्णा ने कहा कि सउदाबायेव के साथ उन्होंने रणनीतिक मामलों सहित द्विपक्षीय संबंधों के सभी पहलुओं की व्यापक समीक्षा की।
कृष्णा ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की स्थाई सदस्यता के दावे के समर्थन के लिए कजाकिस्तान का आभार जताया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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