लाडली मीडिया पुरस्कार से 14 लोग सम्मानित
लैंगिक विषमता से जुड़े मामलों को लेकर मुहिम चलाने वाले प्रिंट और इलेक्ट्रानिक मीडिया के 80 उम्मीदवारों की सूची में से इन 14 लोगों को चुना गया था।
फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कामर्स एंड इंडस्ट्री (फिक्की) के सभागार में मंगलवार को समाज में महिलाओं की गंभीर स्थित और लैंगिक मसलों व उनकी चुनौतियों को प्रमुखता से उठाने के लिए 14 लोगों को सम्मानित किया गया।
विज्ञापन क्षेत्र की जानी मानी शख्सियत तारा सिन्हा, महिलाओं की पत्रिका फेमिना की संपादक तान्या चैतन्य, फिल्मकार बुद्धायन मुखर्जी, समाचार वाचिका रिचा अनिरुद्ध, प्रस्तोता शरत कुमार, लेखिका वैदेही रंगनाथन और फिल्मकार अन्नया चटर्जी चक्रवर्ती को यूएनएफपीए लाइफ टाइम अचीवमेंट पुरस्कार से नवाजा गया।
इस मौक पर पुरस्कार विजेताओं ने अपने अनुभव भी बांटे। समाचार चैनल 'आईबीएन 7' पर 'जिंदगी लाइव' नाम के कार्यक्रम को प्रतुस्त करने वाली अनिरुद्ध ने मंच पर चिकित्सक नीतू खुराना के संघर्ष की कहानी को बयां किया।
अनिरुद्ध ने आईएएनएस को बताया, "खुराना के गर्भ में दो जुड़वा लड़कियां थीं। उनके चिकित्सक पति चाहते थे उनकी पत्नी गर्भपात करवा ले। वह अपने पति के खिलाफ अदालत गईं और 'प्री-नटल डायग्नोस्टिक टेक्नीक (पीएनडीटी) एक्ट' के तहत अपनी बच्चियों को बचा लिया।"
इस शो को सबसे अच्छा सामयिक कार्यक्रम घोषित किया गया था।
पुरस्कार समारोह के आयोजक बॉबी सीस्ता ने कहा, "इस पुरस्कार को प्रदान करने के पीछे मीडिया को लैंगिक मुद्दों के प्रति संवेदनशील बनाना है। देश में लैंगिक असंतुलन और महिलाओं के ऊपर हो रहे अत्याचार के लिए अन्य लोगों की तरह मीडिया भी जिम्मेदार है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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