कांग्रेस विधायकों ने काली पट्टी बांधकर मौन जुलूस निकाला
विधानसभा के चार दिवसीय विशेष सत्र को असंवैधानिक करार देते हुए कांग्रेस विधायक इसका बहिष्कार कर रहे हैं। सत्र के दूसरे दिन भी कांग्रेस विधायक सदन में नहीं गए। विधायकों ने काली पट्टी बांधकर मौन जुलूस निकाला और विधानसभा परिसर में पहुंचें। तमाम कांग्रेस विधायक लगभग एक घंटे सदन के बाहर बैठे रहे।
कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक अजय सिंह का कहना है कि विधानसभा का यह सत्र पूरी तरह असंवैधानिक है। इस सत्र में सदन चलाने की प्रक्रिया का पालन नहीं किया जा रहा है। लिहाजा जब विधायकों को सदन में अपनी बात उठाने का हक नहीं है तो ऐसे सत्र में शामिल होने से क्या लाभ। जहां तक सरकार सुझाव चाहती है तो वह अपने प्रतिनिधि कांग्रेस द्वारा आयोजित की जा रही संगोष्ठियों में भेजे।
मुख्यमंत्री चौहान ने विधानसभा में कहा कि जो सदस्य सदन में नहीं आ रहे हैं वे अपने सुझाव लिखित में भेज सकते हैं। सरकार उन सुझावों पर भी गंभीरता से विचार करेगी। उन्होंने कहा, "कांग्रेस के विधायकों की मुझसे बैर हो सकती है, मगर उन्हे प्रदेश की जनता के हित में सुझाव देने चाहिए।"
विधानसभा में कांग्रेस के उपनेता चौधरी राकेश सिंह ने कहा कि सदन में भ्रष्टाचार, सड़क, बिजली जैसे विषयों पर चर्चा होना चाहिए, जो नहीं कराई जा रही है। इस सत्र में प्रश्नकाल, शून्यकाल और स्थगन को स्थगित किया गया है। यह सत्र सिर्फ सरकार के गुणगान के लिए बुलाया गया है न कि प्रदेश की जनता के हित में।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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