मणिपुर में आर्थिक नाकेबंदी से दवाओं की किल्लत
इम्फाल, 11 मई (आईएएनएस)। मणिपुर में विभिन्न नागा जनजातीय गुटों द्वारा जारी आर्थिक नाकेबंदी के कारण राज्य में आवश्यक वस्तुओं और जीवन रक्षक दवाओं की भारी किल्लत हो गई है।
नगा अलगाववादी नेता टी. मुइवा को उनके जन्म स्थल उखरुल जिले में जाने से रोके जाने के राज्य सरकार के फैसले के खिलाफ नागा गुट विरोध कर रहे हैं। पिछले एक हफ्ते से जारी आर्थिक नाकेबंदी की वजह से विभिन्न अस्पतालों में जीवन रक्षक दवाओं की किल्लत हो रही है।
आवश्यक वस्तुओं के ले जा रहे वाहनों को प्रदर्शनकारी मणिपुर की ओर जाने से रोक रहे हैं, जिस वजह से राज्य में जरूरी सामानों की भारी किल्लत हो गई है। सैकड़ों ट्रक मणिपुर सीमा के समीप रूके हुए हैं।
क्षेत्रीय चिकित्सा विज्ञान संस्थान (आरआईएमएस) के अधीक्षक वाई. मोहेन ने कहा है कि सोमवार से अस्पताल में सभी दैनिक कामकाज रोक दिया गया है क्योंकि ऑक्सीजन और अन्य जीवन रक्षक दवाओं का भंडार खत्म हो चुका है।
उल्लेखनीय है कि आरआईएमएस मणिपुर का एकमात्र मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल है। मानवाधिकार कार्यकर्ता बबलू लोइटोन्गबैम ने कहा कि आर्थिक नाकेबंदी की वजह से खाद्य पदार्थो के साथ-साथ दवाओं की भारी किल्लत हो रही है। उन्होंने आशंका जताई कि इससे दैनिक जीवन ठप्प पड़ जाएगा।
बबलू के मानवाधिकार संगठन ने सोमवार को इस संबंध में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को पत्र भेजा था। संगठन ने प्रधानमंत्री से इस पूरे मामले में हस्तक्षेप करने की अपील की है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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