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ब्रिटेन में लेबर, लिबरल का समझौते के लिए प्रयास (लीड-1)

By Staff
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ब्रिटेन में वर्ष 1974 के बाद पहली बार राजनीतिक व्यवस्था का केंद्र बनी लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता क्लेग ने कहा कि वह सरकार गठित करने को लेकर अधीर है।

लिबरल डेमोकेट्रिक पार्टी और लेबर पार्टी के महत्वपूर्ण वार्ताकार सोमवार रात को पहली बार औपचारिक रूप से मिले। मंगलवार सुबह हाउस ऑफ कामंस परिसर में उनको एक साथ देखा गया।

लिबरल डेमोक्रेट के साथ सरकार गठन का रास्ता साफ करने के लिए ब्राउन के इस्तीफे की पेशकश के कुछ ही घंटों बाद दोनों पार्टियों की पहले दौर की वार्ता शुरू हुई।

आम चुनाव में सबसे अधिक सीटें हासिल करने वाली कंजरवेटिव पार्टी के नेता डेविड कैमरन इस घटनाक्रम से निराश दिखे और उन्होंने क्लेग से देश की भलाई के लिए सही निर्णय लेने का आग्रह किया।

कैमरन ने कहा कि उनकी चिंता अच्छी, मजबूत और स्थिर सरकार है।

लेबर पार्टी के साथ समझौते की कोशिश के बाद कंजरवेटिव पार्टी ने लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी पर निशाना साधा है। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा लिबरल डेमोक्रेट्स पर भरोसा नहीं किया जा सकता है।

सरकार गठित करने के लिए लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी सोमवार शाम तक पुरजोर कोशिश में लगी थी। परंतु प्रधानमंत्री ब्राउन के पद छोड़ने के प्रस्ताव के बाद क्लेग ने उन शर्तो को बदल दिया जिनके आधार पर कंजरवेटिव पार्टी के साथ समझौते की कवायद चल रही थी।

स्थानीय समाचार पत्र 'द टेलीग्राफ' के अनुसार क्लेग की ओर से संभावित समझौते से जुड़ी शर्ते बदलने के बाद कंजरवेटिव नेता और अब तक प्रधानमंत्री पद की दौड़ में सबसे आगे माने जा रहे डेविड कैमरन व्यथित बताए गए हैं।

ब्रिटेन की 650 सीटों वाली संसद में सरकार बनाने के लिए किसी दल या गठबंधन को 326 सीटों की जरूरत होती है। इस बार के चुनाव में कंजरवेटिव पार्टी 306 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी है लेकिन बहुमत के जादुई आंकड़े से वह 20 सीट दूर है।

कंजरवेटिव पार्टी 57 सीटें जीतकर आई लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी के साथ मिलकर सरकार बनाने की कोशिशें कर रही थी। दोनों दलों के नेताओं के बीच बीते रविवार को 70 मिनट वार्ता हुई थी। परंतु अब कंजरवेटिव के कुछ नेता खुलकर लिबरल डेमोक्रेट पर निशाना साध रहे हैं।

एक वरिष्ठ कंजरवेटिव नेता ने कहा, "इन लोगों पर विश्ववास नहीं किया जा सकता। हमने इनके साथ कई दिनों की चर्चा की और इसके बाद इन्होंने शर्ते बदल दीं।"

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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