26/11 के बाद भारत-पाक वार्ता से संबंधित घटनाक्रम
26 नवंबर, 2008 : तत्कालीन विदेश मंत्री प्रणब मुखर्जी और पाकिस्तानी समकक्ष शाह महमूद कुरैशी के बीच नई दिल्ली में वार्ता।
दोनों देशों के गृह सचिवों के बीच समग्र वार्ता के पांचवें दौर की बातचीत।
27 नवंबर, 2008 : तीन दिवसीय भारत दौरे पर आए कुरैशी बीच में ही स्वदेश लौटे।
26, फरवरी 2009 : कोलंबो में दक्षेस के मंत्रियों की बैठक के इतर दोनों देशों के विदेश सचिवों की मुलाकात।
31 मई-पांच जून, 2009 : स्थायी सिंधु आयोग की 103वीं बैठक।
16 जून, 2009 : प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने ब्रीक और एससीओ बैठक के इतर मुलाकात की। मनमोहन सिंह ने मीडिया के समक्ष जरदारी से कहा कि पाकिस्तानी भूमि का इस्तेमाल भारत के खिलाफ आतंकी कार्रवाई के लिए नहीं होना चाहिए।
26 जून, 2009: इटली में जी 8 बैठक के इतर कृष्णा और कुरैशी की मुलाकात।
16 जुलाई, 2009: मनमोहन सिंह और पाकिस्तानी प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी शर्म अर्ल-शेख में मिले।
27 सितंबर, 2009 : विदेश सचिव निरुपमा राव और पाकिस्तानी विदेश सचिव सलमान बशीर की न्यूयार्क में मुलाकात।
27 सितंबर, 2009 : न्यूयार्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक के इतर कृष्णा और कुरैशी की मुलाकात।
25 फरवरी, 2010 : नई दिल्ली में विदेश सचिव स्तर की बैठक। बैठक बेनतीजा खत्म। दोनों राजनयिक संपर्क बनाए रखने पर सहमत।
27 मार्च-31 मार्च, 2010 : स्थायी सिंधु आयोग की 104वीं बैठक।
28 मार्च-31 मार्च, 2010 : सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) और पाकिस्तानी रेंजर की बैठक।
11-12 अप्रैल, 2010 : वाशिंगटन में परमाणु सुरक्षा शिखर सम्मेलन में मनमोहन सिंह और गिलानी मिले, एक दूसरे का अभिवादन किया। कोई बातचीत नहीं।
29 अप्रैल, 2010 : थिंपू में मनमोहन सिंह और गिलानी की मुलाकात। दोनों नेताओं ने विदेश मंत्रियों और विदेश सचिवों को विश्वास बहाल करने के लिए कदम बढ़ाने के लिए कहा।
11 मई, 2010 : कृष्णा और कुरैशी ने टेलीफोन पर बातचीत की। कुरैशी ने कृष्णा को 15 जुलाई को वार्ता के लिए इस्लामाबाद आने का न्योता दिया। इससे पहले 26 जून को केंद्रीय गृह मंत्री पी.चिदंबरम दक्षेस के गृह मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लेने के लिए इस्लामाबाद जाएंगे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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