'इज्जत के नाम पर मारा गया' प्रेमी जोड़ा थाने पहुंचा
पुलिस ने सुलझा लिया था मामला
मामलें में उस समय अचानक एक नया मोड़ आ गया जब उक्त प्रेमी जोड़ा अजित और अंशु रविवार को खुद थाने में हाजिर हो गए। इसके बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया क्योंकि वह मामले को सुलझाने का दावा कर चुकी थी। पुलिस ने दावा किया था कि सामाजिक सम्मान के नाम पर दोनों की हत्या कर दी गई थी। पुलिस के मुताबिक उन्होने अजीत का शव बरामद कर लिया था जबकि लड़की अंशु के शव की तलाश की जा रही थी।
पुलिस ने बताया था कि मुजफ्फरनगर के कूकड़ा गांव का रहने वाला अजित सैनी मुजफ्फरनगर के एक कॉलेज से बीबीए कर रहा था। मुजफ्फरनगर की अंशु तोमर के साथ उसका प्रेम संबंध था। अंशु बड़ौत की रहने वाली है और यहां अपनी मौसी के घर रहकर पढ़ाई कर रही थी। दोनों इसी माह शादी करने वाले थे। पिछले ढाई महीने के दौरान दोनों दो बार घर से भाग चुके थे।
लड़की के भाई ने कुबूला था जुर्म
एक सप्ताह पहले अजित पुणे जाने के लिए मुजफ्फरनगर आया हुआ था। उसे पुणे में किसी नए पाठ्यक्रम में प्रवेश लेना था। जब वह पुणे नहीं पहुंचा तो घरवाले परेशान हो गए। इसी बीच पुलिस ने नई मंडी के शांतिनगर क्षेत्र से नागरिकों की सूचना पर मिट्टी में दबी एक युवक का शव बरामद किया। इस युवक का हाथ-पैर काटकर उसकी हत्या की गई थी और शव को मिट्टी में दबा दिया गया था।
युवक की शिनाख्त अजित के रूप में हुई और उसके परिवारवालों की शिकायत पर लड़की के पिता और भाई को पुलिस ने हिरासत में लिया। पुलिस के अनुसार लड़की के भाई अनुज ने पूछताछ में स्वीकार किया कि उसने सामाजिक सम्मान के लिए अजित को काट-काट कर मार डाला।
अजित के चाचा राम किशोर ने उसकी शिनाख्त उसके हाथ पर गुदे ए.एस. नामक अक्षर के आधार पर की थी। बताया जा रहा है कि दोनों इस दौरान बिजनौर में रह रहे थे। अजित के परिवारवालों ने उसे मरा मानकर उसकी तेरहवीं भी कर दी थी। अब पुलिस दोनों से पूछताछ कर मामले की सच्चाई जानने की कोशिश कर रहे हैं। साथ ही पुलिस यह भी पता लगा रही है कि जो शव बरामद हुआ था आखिर वह किसका था?













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