मुलुंड विस्फोट का आरोपी 7 साल बाद धरा गया (लीड-1)
एटीएस प्रमुख राकेश मारिया ने पत्रकारों को बताया कि 44 वर्षीय डब्ल्यू मुर्तजा उर्फ बाबू 13 मार्च, 2003 को हुए विस्फोट के समय से ही फरार था। उसे सोमवार सुबह पूर्वी मुंबई के कुर्ला इलाके में एबीएस रोड पर स्थित उसके कढ़ाई-बुनाई के कारखाने से गिरफ्तार किया गया।
मारिया ने कहा कि बाबू को एक दंडाधिकारी के समक्ष पेश किया गया। दंडाधिकारी ने उसे 19 मई तक के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया।
मारिया ने कहा, "मुलुंड में 2003 में हुए विस्फोट से जुड़े मामले में बाबू वांछित था। उसका नाम चार्जशीट में भी दर्ज है। वह कराटे में ब्लैक बेल्ट है। उसके अलावा इस मामले में छह अन्य लोगों की तलाश है। सभी फरार हैं।"
मारिया ने बताया कि बाबू मुंबई सेंट्रल रेलवे स्टेशन पर स्थित मैक्डोनाल्ड और विले पार्ले रेलवे स्टेशन पर हुए विस्फोटों में भी शामिल था।
मारिया ने बताया, "उसने ठाणे के पडघा गांव में आतंकी प्रशिक्षण लिया था। उसने तीनों बम विस्फोटों में इस्तेमाल किए गए विस्फोटकों को संयोजित करने में भी मदद की थी।"
प्रारंभिक जांच में पता चला है कि बाबू मुलुंड विस्फोट मामले के एक अन्य आरोपी ताहिर का करीबी है। वह इंडियन मुजाहिदीन के संस्थापकों में से एक इकबाल भटकल का भी मित्र हैं।
बाबू के पांच बच्चे हैं। वह उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थ नगर का निवासी है और मध्य मुंबई के धारावी व कुर्ला इलाकों में कढ़ाई-बुनाई का कारखाना चलाता है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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