दिल्ली में नहीं दिखेंगे तांगे : नगर निगम (लीड-1)
पुरानी दिल्ली इलाके में सोमवार को अधिकारियों ने तांगे के संचालन पर रोक लगा दी।
गौरतलब है कि दिल्ली में तांगे, घोड़े चलित गाड़ियों और खच्चरों से यात्रियों और मालों की ढुलाई पर सोमवार से रोक लगा दी गई। नगर निगम की स्थाई समिति की पिछले साल हुई एक बैठक में तांगों के बंद करने के संबंध में फैसला लिया गया था। दिल्ली की सड़कों पर अब भी 250 से अधिक तांगे चलते हैं।
दूसरी ओर तांगे वाले सरकार के इस फैसले से नाखुश हैं।
सैयद अब्दुला जो कि पिछले 10 साल से दिल्ली की सड़कों पर तांगे चलाते आ रहे हैं ने आईएएनएस को बताया,"नगर निगम ने पूर्वी दिल्ली को तहबाजारी लाइसेंस (माल बेचने संबंधी लाइसेंस)दिए हैं जबकि अधिकतर तांगे वाले दक्षिणी दिल्ली में रहते हैं। "
नगर निगम की स्थाई समिति के पूर्व अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने बताया, "परिवहन के इस पुराने साधन को बंद करने के संबंध में मंजूरी दे दी गई है क्योंकि यह भारी भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में यातायात में व्यवधान पैदा करते हैं।"
गुप्ता कहते हैं, "तांगे वालों की शिकायत की कोई वजह नहीं है क्योंकि उन्हें तहबाजारी लाइसेंस (माल बेचने संबंधी लाइसेंस) दिया जा रहा है, इससे उनके लिए आय और रोजगार की वैकल्पिक व्यवस्था हो सकेगी।"
नगर निगम एक अधिकारी ने कहा, "लाइसेंसधारक 132 तांगे वालों में से 93 को तहबाजारी लाइसेंस दे दिए गए हैं। बचे हुए 39 तांगे वालों को भी जल्दी ही ये लाइसेंस दे दिए जाएंगे। जिन लोगों के पास तांगा चलाने के एक से अधिक लाइसेंस हैं उन्हें वित्तीय सहायता देते हुए सीएनजी से चलने वाले मालवाहक वाहन खरीदने में मदद की जाएगी।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications