नाल्को के निजीकरण के कदमों का उड़ीसा में विरोध
सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी नाल्को का मुख्यालय, खानें, प्रगलन संयंत्र और रिफाइनरी उड़ीसा में ही स्थित है।
इस समय कंपनी में सरकार की 87.15 प्रतिशत हिस्सेदारी है और वित्त मंत्रालय के अधीन विनिवेश विभाग ने खान मंत्रालय को सरकारी हिस्सेदारी 10 प्रतिशत कम करने का प्रस्ताव दिया है।
केंद्रीय खान मंत्री बी.के.हांडिक ने पिछले महीने राज्यसभा में कहा कि वित्त मंत्रालय से प्रस्ताव मिलने के बावजूद सरकार ने अभी तक इस संबंध में कोई फैसला नहीं लिया है।
सरकार के विनिवेश के फैसले का राज्य में विरोध शुरू हो गया है। यदि केंद्र सरकार विनिवेश की योजना पर आगे बढ़ती है तो
सत्तारूढ़ बीजू जनता दल (बीजद), विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कुछ श्रमिक संघों की विरोध प्रदर्शनों की योजना है।
मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने कहा कि बीजद विनिवेश के विचार के खिलाफ है।
भाजपा की राज्य इकाई के अध्यक्ष जुआल ओरांव ने कहा, "हम इस कदम का विरोध करते हैं। सरकार ने यदि नाल्को का विनिवेश किया तो हम राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन करेंगे।"
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने कहा कि वह 10 मई को नाल्को के मुख्यालय पर विरोध प्रदर्शन करेगी।
माकपा की राज्य इकाई के सचिव जनार्दन पति ने आईएएनएस से कहा कि केंद्र सरकार की नीति मुनाफा कमा रहे सार्वजनिक उपक्रमों के निजीकरण की है। इन कंपनियों के विनिवेश का कोई कारण नहीं दिखता है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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