त्रिपुरा से 2,000 शरणार्थियों को वापस बुलाएगा मिजोरम
आईजोल/अगरतला, 1 मई (आईएएनएस)। केंद्रीय गृह मंत्रालय के साथ बातचीत के बाद मिजोरम सरकार ने त्रिपुरा के छह राहत शिविरों में रह रहे 2,000 जनजातीय शरणार्थियों को वापस बुलाने का फैसला लिया है।
पिछले 13 वर्षो से ये शरणार्थी इन शिविरों में रह रहे हैं। राज्य के एक अधिकारी ने शनिवार को इसकी जानकारी दी।
मिजोरम के सरकारी अधिकारी ने आईजोल में संवाददातओं को बताया, "15 मई से पहले 462 जनजातीय परिवारों के 2,000 लोगों को वापस बुलाया जाएगा जिनमें बच्चे और महिलाएं भी शामिल हैं। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राज्य सरकार से त्रिपुरा के शिविरों में रह रहे इन लोगों को वापस बुलाने के लिए कहा था।"
अधिकारी के मुताबिक बाकी बचे शरणार्थियों की वापसी के बारे में अभी कोई फैसला नहीं लिया गया है।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 1997 में वन विभाग के एक अधिकारी की हत्या के बाद भड़की जातीय हिंसा के बाद रेयांग जनजातीय समुदाय के 37,000 से अधिक लोगों ने यह क्षेत्र छोड़कर उत्तरी त्रिपुरा के छह राहत शिविरों में शरण ली थी।
त्रिपुरा की सरकार और केंद्रीय गृह मंत्रालय ने मिजोरम सरकार से इन जनजातीय लोगों को वापस बुलाने को कहा था। त्रिपुरा सरकार के तहत गृह मंत्रालय अब तक इन लोगों की देखभाल पर 1.74 अरब रुपये खर्च कर चुकी है।
केंद्र और मिजोरम सरकार के बीच चली लंबी बातचीत के बाद जनजातीय लोगों की वापसी के मुद्दे को हल किया गया।
उल्लेखनीय है कि पिछले नवंबर में मिजो समुदाय के एक 18 वर्षीय युवक की हत्या के बाद भड़की हिंसा में पश्चिमी मिजोरम में रेयांग जनजातीय समुदाय के 700 घरों को जला दिया गया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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