दिल्ली-मुबई औद्योगिक क्षेत्र का पहला चरण 2018 तक : शर्मा
हरियाणा, उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश, राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र में प्रस्तावित इन औद्योगिक क्षेत्रों को जापान के सहयोग से वैश्विक विनिर्माण और व्यापारिक केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए तैयार किया जा रहा है।
आनंद शर्मा ने कहा, "हमें उम्मीद है कि इन क्षेत्रों के विकसित होने पर औद्योगिक उत्पादन तीन गुना और निर्यात चार गुना हो जाएंगे।"
इस क्षेत्र के विकास के पहले चरण में 9-10 अरब डॉलर (40,000-45,000 करोड़ रुपये) के निवेश से सात शहरों को विकसित किया जाएगा।
भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) द्वारा आयोजित 'भारत-जापान व्यापार संभावनाऐं: नए अवसरों की खोज' विषय पर आयोजित सम्मेलन में आनंद शर्मा ने कहा, "इस योजना का व्यापक असर रोजगार निर्माण, औद्योगिक उत्पादन और निर्यात पर पड़ेगा।"
सम्मेलन में दिल्ली-मुंबई औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण (डीएमआईसीडीसी) और हरियाणा, गुजरात व महाराष्ट्र की राज्य सरकारों ने जापान की कंपनियों हिताची, मित्सुविशी, तोशिवा, जेजीसी और टोक्यो इलेक्ट्रिक पावर कंपनी के साथ चार समझौतों पर हस्ताक्षर किए।
समझौते के मुताबिक जापानी सलाहकार हरियाणा के मानेसर-बावल, गुजरात के दाहेज-चंगोधर और महाराष्ट्र के सेंद्रा औद्योगिक क्षेत्रों को 'स्मार्ट कम्युनिटी' के रूप में विकसित करने की व्यहार्यता का अध्ययन करेंगे।
डीएमआईसीडीसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमिताभ कांत ने कहा कि स्मार्ट कम्युनिटी का मतलब इन जगहों पर कार्बन रहित उत्पादों और सेवाओं के विकास और प्रदूषण रहित, नवीनीकृत संसाधनों के उपयोग को लेकर सार्वजनिक सोच और कार्यप्रणाली को विकसित करना है।
कार्यक्रम में जापान के अर्थव्यवस्था, व्यापार और उद्योग मंत्री नासयुकी नासोहिमा भी उपस्थित थे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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