पूर्ण भारतीय दूतावास की स्थापना चाहता है उरुग्वे
उरुग्वे के राजदूत सीजर फेरर ने कहा कि, "मोंटेवीडियो में पूर्ण भारतीय दूतावास स्थापित होने से आपसी संबंध बढ़ाने में काफी मदद मिलेगी। दिल्ली में हमारा दूतावास पिछले 12 साल से है, इससे पहले भी हम यहां 1960 से 1975 तक रहे थे।"
उन्होंने आईएएनएस से कहा कि, "इन 50 वर्षो की कूटनीति के दौरान दिल्ली में हमारा दूतावास 27 साल रहा लेकिन मोंटवीडियो में सिर्फ एक वाणिज्य दूत भारत की ओर से पदस्थ किए गए हैं। हम पूर्ण दूतावास चाहते हैं।"
फिलहाल अक्टूबर 2007 से आर विश्वनाथन अर्जेटीना, उरुग्वे और पराग्वे में भारत के राजदूत हैं, वे ब्यूनस आयर्स में पदस्थ हैं।
फेरर के मुताबिक हालांकि उरुग्वे का भारत के साथ बहुत व्यापार नहीं है लेकिन उरुग्वे में मौजूद उपजाऊ जमीन का महत्व भारत के लिए काफी ज्यादा है। हमारी उपजाऊ जमीन भारत की खाद्य सुरक्षा का समाधान बन सकती है। साथ ही उरुग्वे दुनिया का सांतवा सबसे बड़ा चावल निर्यातक देश है।
फेरर ने कहा, "अगर आप उरुग्वे और दक्षिण अमेरिका में बड़ी भूमिका निभाना चाहते है तो दूतावास बहुत जरूरी है, सुदूरवर्ती देश चीन और ईरान के दूतावास भी उरुग्वे में हैं तो भारतीय दूतावास भी हो सकता है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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