नक्सली देख रहे हैं दंतेवाड़ा नरसंहार की सीडी
नक्सलियों के प्रशिक्षण शिविरों में इस सात मिनट की अवधि की सीडी का प्रदर्शन कर बताया जा रहा है कि सुरक्षा बलों पर किया गया यह हमला कितना ऐतिहासिक और अभूतपूर्व था।
पुलिस सूत्रों का कहना है कि आंध्र प्रदेश की सीमा के नजदीक दंतेवाड़ा जिले के आंतरिक इलाकों से पिछले सप्ताह एक नक्सली छापामार के पास से इस सीडी की कुछ प्रतियां मिली हैं।
वर्ष 1967 में नक्सली विद्रोह भड़कने के बाद से यह सुरक्षा बलों पर किया गया अब तक का सबसे बड़ा हमला था।
यह वीडियो अच्छा नहीं है लेकिन इसमें छह अप्रैल के हमले के कथित संयोजक व नक्सली नेता की आवाज आसानी से सुनी जा सकती है।
इसमें नक्सलियों को केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के मृत जवानों के शस्त्र ले जाते हुए दिखाया गया है। इसमें नक्सलियों को अपनी पीठ पर विस्फोटकों से भरे बैग लादे हुए जंगलों में चलते दिखाया गया है।
पुलिस का अनुमान है कि नक्सलियों के दंतेवाड़ा की ओर घात लगाकर बढ़ने से पहले चिंतालनार जंगल में उनके आगे बढ़ने को और नरसंहार के बाद उनकी वापसी को सीडी में फिल्माया गया है।
राज्य के खुफिया ब्यूरो के एक अधिकारी ने बताया कि भाकपा (माओवादी) ने लिट्टे (लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम) से अपने बड़े हमलों की वीडियो फिल्में बनाना सीखा है।
अधिकारी ने इस सीडी को 99 प्रतिशत सही बताया है लेकिन छत्तीसगढ़ के पुलिस महानिदेशक विश्व रंजन ने इसे छह अप्रैल के नरसंहार की सीडी मानने से इंकार कर दिया है।
रंजन ने कहते हैं, "सीडी में नक्सलियों द्वारा हाल के वर्षो में किए गए कई हमलों के दृश्य हैं। मुझे नहीं लगता कि इसमें केवल छह अप्रैल की घटना को फिल्माया गया है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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