दिल्ली का नया 500 करोड़ रुपये का पर्यटन केंद्र
दिल्ली सरकार ने केंद्र की 'एक राज्य: एक वैश्विक गंतव्य' (One State: One Global Destination) योजना के तहत 500 करोड़ रुपये के पर्यटन और सांस्कृतिक केंद्र के लिए योजनाएं पेश की हैं। इस परियोजना के लिए कंझावला में लगभग 200 एकड़ भूमि आरक्षित की गई है, जिसका उद्देश्य पर्यटन, रचनात्मक कला, साहित्य और स्थानीय संस्कृति को बढ़ावा देना है। दिल्ली पर्यटन और परिवहन विकास निगम (DTTDC) ने इस पहल के लिए एक निविदा जारी की है।

प्रस्तावित ग्रीनफील्ड परियोजना कंझावला-नरेला रोड पर दिल्ली राज्य औद्योगिक और अवसंरचना विकास निगम (DSIIDC) के पास उपलब्ध 915 एकड़ भूमि के एक हिस्से का हिस्सा है। अनुमानित लागत 500 करोड़ रुपये है, जिसमें विकास के लिए लगभग 200 एकड़ भूमि की पहचान की गई है। सक्षम प्राधिकारी के निर्णय के अधीन, कुछ हिस्सों को एक अलग ब्राउनफील्ड क्षेत्र में भी विकसित किया जा सकता है।
परामर्शदाता का चयन और जिम्मेदारियां
DTTDC ने एक वास्तुशिल्प परामर्शदाता (architect consultant) का चयन करने के लिए प्रस्ताव का अनुरोध (RFP) जारी किया है। यह परामर्शदाता व्यापक वास्तुशिल्प डिजाइन, इंजीनियरिंग योजना और निष्पादन सहायता प्रदान करेगा। जिम्मेदारियों में वैचारिक योजना, स्केच डिजाइन, विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR), लागत अनुमान और प्रारंभिक चित्र तैयार करना शामिल है।
परामर्शदाता साइट सर्वेक्षण, भूमि और समोच्च (contour) अध्ययन करेगा, और स्थानीय भवन उप-नियमों (by-laws) के अनुरूप ज़ोनिंग-अनुपालक (zoning-compliant) वास्तुशिल्प योजनाएं तैयार करेगा। विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) में पर्यटन क्षमता, परियोजना उपयुक्तता, अवसंरचना की आवश्यकताएं, साइट विश्लेषण, और सिविल, विद्युत, एचवीएसी (HVAC), भूदृश्य (landscaping), भूमि विकास और अन्य घटकों के लिए निष्पादन योजनाएं शामिल होंगी।
अनुमोदन प्रक्रिया और प्रस्तुतियां
परामर्शदाता नगर निगम दिल्ली (MCD), नई दिल्ली नगर परिषद (NDMC), दिल्ली अग्निशमन विभाग और दिल्ली शहरी कला आयोग (DUAC) जैसे प्राधिकरणों से आवश्यक अनुमोदन प्राप्त करने में DTTDC की सहायता करेगा। वे आवश्यक अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOCs) और वैधानिक अनुमतियां भी प्राप्त करेंगे।
इसके अतिरिक्त, परामर्शदाता केंद्रीय सरकार, दिल्ली सरकार और DTTDC बोर्ड के समक्ष हितधारकों की प्रस्तुतियों के लिए 3डी प्रस्तुतियां, वॉकथ्रू (walkthroughs), एलिवेशन डिजाइन (elevation designs) और विजुअल प्लान (visual plans) तैयार करेगा। परियोजना की समय-सीमा 36 महीने या पूर्ण होने तक निर्धारित है।
समय-सीमा और व्यापक दृष्टिकोण
तकनीकी बोली (technical bid) 2 मई को खोली जाएगी, जबकि शॉर्टलिस्ट किए गए परामर्शदाताओं द्वारा अंतिम प्रस्तुतियां 5 मई से शुरू होंगी। यह पहल पर्यटन मंत्रालय के 'ओ-एस-ओ-जीडी' (OS-OGD - One State: One Global Destination) दृष्टिकोण के अनुरूप है, जिसका उद्देश्य 'विकसित भारत' (Viksit Bharat) रोडमैप के हिस्से के रूप में प्रत्येक राज्य और केंद्र शासित प्रदेश में कम से कम एक विश्व-स्तरीय पर्यटक गंतव्य विकसित करना है।
With inputs from PTI












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