कुंभ में अब शाही स्नान से पहले देव स्नान!
अब तक अंतिम शाही स्नान के बाद ही देवभूमि, उत्तराखंड के देवी-देवताओं को मंदिरों से लाकर गंगा स्नान कराया जाता रहा है। इस मुद्दे पर रामानंदाचार्य से इत्तेफाक रखते हुए स्वामी माधवाश्रम ने इसका समर्थन किया है। उनका कहना है कि नागाओं के स्नान से पूर्व देवी-देवताओं का स्नान होना चाहिए।
उत्तराखंड से लगे हिमाचल के देवी देवताओं को भी श्रद्धालु गंगा स्नान के लिए लेकर आए थे। ये सभी देवी-देवता अब अपने देवस्थानों की ओर वापसी कर रहे हैं। इन देवताओं को बीच में पड़ने वाले शहरों में विश्राम कराया जाता है। इन स्थानों पर भक्तजन इनका भव्य स्वागत करते हैं।
इस बार स्नान करने वाले देवों में भगवान बद्रीनाथ, केदारनाथ ध्वज, महासू देवता, गोलू देवता, घंटाकर्ण भगवान, सोम नागराजा यमुनोत्री व गंगोत्री सहित तमाम स्थानीय देवों की देवडोलियां शामिल हुईं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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