मुहांसों में कारगर है नारियल तेल, मां का दूध
सैन डिएगो कैलीफोर्निया विश्वविद्यालय (यूसीएसडी) के एक बायोइंजीनियरिंग शोधकर्ता ने एक ऐसी प्रणाली विकसित की है, जिसके जरिए लाउरिक एसिड से भरे बेहद छोटे आकार के कैप्सूलों को चमड़ी के अंदर भेजा जा सकता है।
इस प्रणाली को 'स्मार्ट डिलिवरी सिस्टम' नाम दिया गया है। इसके जरिए सामान्य मुंहासे पैदा करने वाले जीवाणु-प्रोपियोनिबैक्टेरियम को खत्म किया जा सकेगा।
सामान्य तरह के मुंहासों को 'एंक वल्गर्स' नाम से भी जाना जाता है। 85 फीसदी किशोर इसकी चपेट में आते हैं।
अकेले अमेरिका में चार करोड़ लोग इसके छुटकारा पाने के लिए इलाज करा रहे हैं। इसके कारण चेहरे पर लाल धब्बे पड़ जाते हैं और त्वचा में चलन भी होती है।
'स्मार्ट डिलिवरी सिस्टम' बेहद छोटे आकार के कैप्सूलों के माध्यम से त्वचा के अंदर गोल्ड नैनोपार्टिकल्स समाहित करते हैं। ये गोल्ड नैनोपार्टिकल्स त्वचा में उन जीवाणुओं का पता लगाते हैं और उनका इलाज करते हैं, जिनके कारण सामान्य मुंहासे होते हैं।
छोटे आकार के कैप्सूलों में आमतौर पर नारियल के तेल और मां के दूध में मिले लाउरिक एसिड भरा जाता है। ये मनुष्य के इलाज के लिए पूरी तरह सुरक्षित होते हैं। आने वाले दिनों में इनका मनुष्यों पर परीक्षण किया जाना है। इसके बाद मुंहासों का इलाज आसान हो जाएगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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