भारत ने माओवादियों को चिंता से अवगत कराया
नेपाल में भारतीय राजदूत राकेश सूद बुधवार को माओवादी पार्टी के नेता और पूर्व प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहाल 'प्रचंड' से मिले और एक गोपनीय पत्र के लीक होने पर नई दिल्ली की नाखुशी से उनको अवगत कराया।
बैठक के बाद प्रचंड के सहायक समीर दहाल ने पत्रकारों से कहा कि प्रचंड ने राजदूत से कहा कि भारत विरोधी गतिविधियों में माओवादी शामिल नहीं हैं। इसके बजाय माओवादी भारत के साथ नए संबंध बनाना चाहते हैं।
नेपाल की सभी पार्टियों के सांसद भारत के सिक्युरिटी एंड मिंटिंग कार्पोरेशन और गठबंधन सरकार के बीच पासपोर्ट निर्माण सौदे के खिलाफ थे। इससे पिछले हफ्ते सौदा रद्द कर दिया गया लेकिन भारत का मानना है कि नेपाल की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी होने के नाते माओवादियों ने इसमें प्रमुख भूमिका निभाई।
नई दिल्ली और माओवादी पार्टी के बीच खाई चौड़ी हो रही है और माओवादियों का आरोप है कि वर्ष 2009 में उनकी सरकार गिरने का कारण भारत है। भारत पूर्व गुरिल्लाओं को सेना में शामिल करने के प्रयासों में बाधा डालने के साथ ही नेपाल के आंतरिक मामलों में दखल दे रहा है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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