पश्चिम बंगाल व बिहार में तूफान से 77 की मौत (राउंडअप)

अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि पश्चिम बंगाल के उत्तरी दिनाजपुर जिले में कम से कम 38 लोगों की मौत हो गई है जबकि पड़ोसी बिहार के सीमावर्ती जिलों अररिया, पूर्णिया किशनगंज और सुपौल में 39 लोग मारे गए हैं।

तीव्र रफ्तार वाले इस तूफान के कारण दोनों राज्यों में सैकड़ों पेड़ उखड़ गए और फसलों और पशुओं को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचा है। तूफान पूरे एक घंटे तक रहा।

पश्चिम बंगाल के नागरिक सुरक्षा मंत्री श्रीकुमार मुखर्जी ने स्थिति को अति गंभीर बताया है। इस तूफान से राज्य ेमें 50,000 घर नष्ट हो गए हैं।

120 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से आया तूफान मंगलवार को लगभग 10.30 पर शुरू हुआ और उत्तरी दिनाजपु़र जिले के चार विकास खंडों को अपनी चपेट में ले लिया।

मुखर्जी ने बताया कि बुरी तरह प्रभावित करनदिघि विकासखंड में 18 लोग मारे गए हैं। जलपाईगुड़ी भी तूफान से बुरी तरह प्रभावित हुआ है।

मुखर्जी ने बताया कि करनदिघि, ईटाहार और रायगंज सहित चार विकास खंडों के दर्जनों गांव का सपंर्क पूरी तरह कट चुका है। यहां टेलीफोन सेवाएं और सड़क संचार सेवाएं पूरी तरह ठप पड़ गई हैं।

मंत्री ने कहा, "सिर्फ मिट्टी के ही नहीं बल्कि ईंट मकान भी इस तूफान के प्रभाव से नहीं बच सके हैं। बिजली की आपूर्ति ठप है। टेलीफोन और मोबाइल काम नहीं कर रहे हैं। हम पुलिस वायरलेस के जरिए जिले के अधिकारियों से संपर्क साधने की कोशिश में हैं।"

पुलिस महानिरीक्षक (उत्तरी बंगाल) कुंदन लाल टमटा ने आईएएनएस को बताया कि पुलिस की सात छावनियां ढह गई हैं लेकिन अब तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।

टमटा ने कहा, "बड़ी संख्या में लोग घायल हुए हैं लेकिन अभी हम आंकड़ों की पुष्टि नहीं कर सकते। बहुत लोगों के गिरे हुए पेड़ों और ढहे मकानों के नीचे दबे होने की आशंका है।"

इस तूफान के मद्देनजर राज्य सरकार ने अधिकारियों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं और राहत व बचाव कार्य युद्ध स्तर पर चलाने के आदेश दिए हैं।

दूसरी ओर बिहार में तूफान के कारण 39 लोगों की मौत हो गई। पूर्णिया जिले में अधिकतम 23 लोग, अररिया में 12, किशनगंज में तीन और सुपौल में एक व्यक्ति की मौत हो गई।

आपदा प्रबंधन विभाग में प्रमुख सचिव व्यासजी ने आईएएनएस को बताया, "तूफान से अररिया, पूर्णिया और किशनगंज सहित पूरा सीमांचल क्षेत्र प्रभावित हुआ है और सामान्य जीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।"

व्यासजी ने बताया, "हजारों लोग बेघर हो गए हैं और तमाम झोपड़िया तबाह हो गई हैं।"

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार प्रभावित जिलों के दौरे पर निकल गए हैं।

इसके पूर्व सरकार ने सभी मृतक परिवारों को डेढ़-डेढ़ लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि तीनों जिलों के जिलाधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करके तबाही का जायजा लेने एवं प्रभावित परिवारों को सहायता उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है।

नीतीश ने कहा कि मृतकों के परिजनों को राज्य सरकार से एक-एक लाख रुपये तथा मुख्यमंत्री राहत कोष से 50-50 हजार रुपये दिए जाएंगे। बेघर लोगों को इंदिरा आवास भी दिए जाएंगे।

पूर्णिया के जिलाधिकारी एम़ श्रवण कुमार ने बताया कि पूर्णिया के बराली प्रखंड में सबसे ज्यादा मौतें हुईं हैं। जिले के सभी अनुमंडल पदाधिकारियों और प्रखंड विकास पदाधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों में जाकर बर्बादी का आकलन करने को कहा गया है। सभी प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य प्रारंभ कर दिए गए हैं।

आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव व्यासजी ने बताया कि सरकार द्वारा घोषित मुआवजे की राशि बुधवार से प्रभावित लोगों को मिलने लगी है। उन्होंने सभी प्रभावित जिलों के जिलाधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्य में कोताही नहीं बरतने का निर्देश दिया है।

अररिया के उप विकास आयुक्त एवं प्रभारी जिला पदाधिकारी उदय कुमार ने बुधवार को आईएएनएस को दूरभाष पर बताया कि इस चक्रवात से जिले में 10 लोगों की मौत की सूचना है। उन्होंने बताया कि चक्रवात से अररिया में जेल की एक दीवार भी ढह गई।

कुमार के अनुसार जेल परिसर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है तथा यहां के कैदियों को पूर्णिया जेल भेजने की कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है। उन्होंने कहा कि पूरी क्षति का आकलन करवाया जा रहा है।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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