मादा गैंडे के गर्भपात से आघात

इंडोनेशिया में दुर्लभ गैंडे की एक प्रजाति सुमात्रा को बचाने की कोशिशों में बड़ी समस्या आ गई है.
संरक्षकों का कहना है कि एक मांदा गैंडा क़ैद के दौरान गर्भवती हो गई थी लेकिन उसका गर्भपात हो गया है.
एक आंकड़े के मुताबिक़ अब दुनिया में इस प्रकार के सिर्फ़ 200 गैंडे बचे हैं. पिछले साल के मुक़ाबले उनकी संख्या में 50 प्रतिशत की कमी हुई है. उनकी संख्या में कमी का मुख्य कारण अवैध तरीक़े से उनका शिकार है.
जब आठ वर्षीय रातू फ़रवरी में गर्भवती हुई थी तो वह इंडोनेशिया में सभी की आकर्षण का केंद्र बन गई थी.
उसके गर्भवती होने से यह उम्मीद बढ़ गई थी कि वह जल्द ही सुमात्राई गैंडे को क़ैद में जन्म देगी.
लेकिन संरक्षकों के अनुसार उसकी अल्ट्रासाउंड जांच से पता चला है कि वह अपने अजन्मे बच्चे से वंचित हो गई है.
इंडोनेशियाई राइनो फ़ाउंडेशन के कार्यकारी निदेशक विदोदो रमोनो ने बीबीसी से बात करते हुए कहा, "ताज़ा जांच से पता चलता है कि रातू का गर्भपात हो गया है क्योंकि उसका भ्रूण नज़र नहीं आ रहा है."
विशेषज्ञों का मानना है कि इसी महीने किसी समय रातू गर्भधारण के लिए तैयार हो जाएगी. उनका कहना है कि वह फिर से कोशिश करेंगे.
लेकिन पहली बार भी गर्भ ठहराना बड़ा मुश्किल काम था.
कहा जाता है कि जब मादा गैंडा रातू और नर गैंडा अंदलस की पहली बार पिछले साल मुलाक़ात कराई गई तो अंदलस ने रातू को दौड़ाया था और उससे लड़ाई की थी और उसे गंभीर रूप से ज़ख़्मी भी कर दिया था.
चौथी बार में कहीं जा कर रातू को गर्भ ठहरा था.
ये दूध पिलाने वाले गैंडे दुनिया की ऐसी प्रजातियों में हैं जिनके लुप्त होना का बड़ा ख़तरा है.
इसकी ख़ास वजह इनका अवैध शिकार है क्योंकि उन्हें इसकी काफ़ी क़ीमत मिलती है और पारंपरिक एशियाई चिकित्सा में इनके सींग को काफ़ी गुणी माना जाता है.












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