जम्मू एवं कश्मीर में सरकारी कर्मचारी हड़ताल पर
बकाए एरियर और सेवानिवृति की अवधि को 58 वर्ष से बढ़ाकर 60 वर्ष किए जाने की मांग को लेकर सरकार और कर्मचारियों के बीच हुई वार्ता विफल हो जाने के बाद यह हड़ताल शुरू की गई है।
राज्य के सभी सरकारी कार्यालय सोमवार को बंद रहे। शिक्षकों के हड़ताल में शामिल होने के बाद सरकारी स्कूल भी बंद हो गए हैं।
राज्य में सरकारी कर्मचारियों के संगठन की संयुक्त कार्रवाई समिति (जेसीसी) के नेता फारुक अहमद ने बताया, "अस्पतालों में आपातकालीन सेवाओं और प्रसूति केंद्रों में काम काज चल रहा है लेकिन इसके अतिरिक्त सभी सरकारी कार्यालयों, स्कूलों और अन्य विभागों को सोमवार को पूर्ण रूप से बंद रखा गया।"
कर्मचारियों से काम पर लौटने की अपील करते हुए राज्य के वित्त मंत्री अब्दुल रहमान राथर ने कहा, "एरियर का भुगतान करने के लिए सरकार को 4,300 करोड़ रुपये की जरुरत है और हम इस मुद्दे पर केंद्र सरकार से बातचीत कर रहे हैं। वर्तमान में कर्मचारियों की मांग पूरी करने के लिए हमारे पास संसाधन नहीं हैं।"
उल्लेखनीय है कि जम्मू एवं कश्मीर में 4.5 लाख से अधिक कर्मचारी हैं।
नागरिक सचिवालय ने दो दिन के बंद की घोषणा की है जबकि जेसीसी ने सात दिनों के बंद का ऐलान किया है। सरकारी कर्मचारियों के एक अन्य संगठन ईजेएसी ने चार दिवसीय बंद का आह्वन किया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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