भारतीय कंपनी को ठेका देने पर नेपाली प्रधानमंत्री तलब
पद छोड़ने के लिए माओवादी पार्टी के भारी दबाव का सामना कर रहे प्रधानमंत्री माधव कुमार नेपाल संसदीय समिति के सामने पेश हुए और आधुनिक पासपोर्ट बनाने का ठेका सिक्युरिटी प्रिंटिंग एंड मिंटिंग कारपोरेशन ऑफ इंडिया को देने के फैसले का बचाव किया।
उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री सुजाता कोइराला के साथ समिति के सामने पेश नेपाल ने कहा कि भारतीय कंपनी को सौदा राजनयिक लाभ के लिए दिया गया।
प्रधानमंत्री ने समिति से कहा कि इसका सुरक्षा पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
संसदीय समिति ने सरकार से दो बार कहा था कि प्रक्रिया से बाहर भारतीय कंपनी को ठेका न दिया जाए और इसके लिए पहले शुरू अंतर्राष्ट्रीय निविदा की प्रक्रिया का पालन किया जाए।
नेपाल ने अत्याधुनिक पासपोर्ट के निर्माण के लिए अंतर्राष्ट्रीय निविदा जारी की थी और इसके बाद चार कंपनियों का चयन अंतिम सौदे के लिए किया गया था।
अंतर्राष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन (आईसीएओ) द्वारा तय नए मापदंडों को पूरा करने के लिए पुराने पासपोर्ट हटाए जाएंगे।
भारतीय कंपनी ने ऊंची बोली लगाई थी लेकिन इसके बावजूद ठेका उसे दिया गया। विदेश मंत्री ने इसका समर्थन किया और कहा कि निविदा प्रक्रिया से विलंब हो सकता है और नेपाल आईसीएओ की 31 मार्च की तय समय सीमा तक काम पूरा करने में विफल हो सकता है।
सांसदों ने इस मुद्दे पर विदेश मंत्री का विरोध किया और नेपाल तय समय सीमा का पालन करने में असफल रहा। सरकार ने एक अप्रैल से नए पासपोर्ट जारी करना बंद कर दिया। बहरहाल विदेश मंत्रालय ने सोमवार को कहा कि स्मार्ट पासपोर्ट के निर्माण में देरी को देखते हुए हस्तलिखित पासपोर्ट फिर से जारी किए जाएंगे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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