पश्चिम विरोधी भाषण पर करज़ई का स्पष्टीकरण

अफ़ग़ान राष्ट्रपति हामिद करज़ई ने अपने पश्चिम विरोधी भाषण के बाद अमरीका की शंकाओं को दूर करने के लिए हिलेरी क्लिंटन से फ़ोन पर बात की है.
गुरुवार को एक भाषण में हामिद करज़ई ने विदेशी अधिकारियों पर आरोप लगाया था कि वे उन्हें और उनकी सरकार को कमज़ोर करने की कोशिश में लगे हैं.
इस पर व्हाइट हाउस ने कहा था कि करज़ई का बयान चिंताजनक है.
लेकिन शुक्रवार को अमरीकी विदेश मंत्री को फ़ोन पर करज़ई ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय की मदद के लिए अफ़गानिस्तान के लोग आभारी हैं.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता पीजे क्राउली ने दोनों नेताओं के बीच हुई बातचीत को सकारात्मक बताया है.
पीजे क्राउली ने बताया, “राष्ट्रपति करज़ई ने कहा कि अमरीका और अफ़ग़ानिस्तान के बीच साझेदारी को लेकर वे वचनबद्ध हैं. वहीं हिलेरी क्लिंटन ने अफ़ग़ान राष्ट्रपति से कहा कि अफ़ग़ानिस्तान में स्थायित्व पर सबको ध्यान केंद्रित करना चाहिए.”
'चुनाव में धाँधली'
अपने विवादित भाषण में करज़ई ने कहा था कि पिछले साल राष्ट्रपति चुनाव में धोखाधड़ी हुई है.
उन्होंने अफ़ग़ान स्वतंत्र चुनाव आयोग से कहा था कि इसमें कोई शक़ नहीं कि बड़े पैमाने पर धाँधली हुई थी लेकिन ये धोखाधड़ी विदेशियों ने की है.
करज़ई ने ख़ासतौर पर पीटर गालब्रैथ ( संयुक्त राष्ट्र अभियान के पूर्व उपप्रमुख) और जनरल मॉरीलन ( यूरोपीय संघ अभियान के प्रमुख) का नाम लिया.
हामिद करज़ई ने आरोप लगाया था कि ये दोनों एक कट्ठपुतली सरकार बनवाना चाहते थे. दोनों अधिकारियों ने आरोपों का खंडन किया है.
व्हाइट हाउस ने बताया है कि अमरीकी राजदूत ने अफ़ग़ान राष्ट्रपति से अपनी बात स्पष्ट करने के लिए कहा है.
लेकिन अब राष्ट्रपति करज़ई के प्रवक्ता वहीद उमर ने कहा है कि भाषण का ग़लत मतलब निकाला गया है.
प्रवक्ता ने कहा, “अफ़ग़ानिस्तान और दूसरे देशों के बीच कुछ मुद्दों को लेकर मतभेद हैं. राष्ट्रपति चाहते हैं कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय अफ़ग़ान लोगों की समस्याओं की ओर ध्यान दें.”
बीबीसी संवाददाता का कहना है कि ताज़ा विवाद के बाद अमरीका इस बात को लेकर चिंतित है कि बतौर सहयोगी करज़ई पर कितना भरोसा किया जा सकता है. अमरीकी अधिकारियों में इस बात को लेकर भी चिंता है कि चुनाव के बाद राष्ट्रपति करज़ई ने आगे क़दम नहीं बढ़ाया है.












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