नवाज ने गिलानी का प्रस्ताव ठुकराया
कैबिनेट में फिर से शामिल होने के बारे में पूछे जाने पर नेशनल एसेम्बली में विपक्ष के नेता चौधरी निसार अली खान ने समाचार पत्र 'दि न्यूज' से बातचीत में कहा, "यह सवाल ही नहीं उठता अब।"
उन्होंने कहा, "कड़वा सच यह है कि पिछले आम चुनावों में पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) को सरकार बनाने का जनादेश मिला था जबकि (पीएमएल-एन) को पंजाब प्रांत का जनादेश मिला। केंद्र में हमें रचनात्मक विपक्ष की भूमिका निभाने की जिम्मेदारी मिली है। (पीएमएल-एन) इस जनादेश का सम्मान करेगी।"
निसार ने कहा कि (पीएमएल-एन) के कैबिनेट में शामिल होने के विचार को अब हमेशा के लिए खत्म कर देना चाहिए। (पीएमएल-एन) और पीपीपी की नीतियों व विचारों में बहुत अंतर है। इसलिए दोनों दलों का साथ-साथ सत्ता में बने रहने का कोई मतलब नहीं होता। पाकिस्तान इन दिनों रोजमर्रा में एक से बढ़कर एक समस्याओं का सामना कर रहा है। यह सरकार देश को दिशा देने में असफल रही है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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