हर तरफ पानी, फिर भी मुंबई कर रही है पानी-पानी
कायद नजमी
मुंबई, 29 मार्च (आईएएनएस)। पश्चिमी महाराष्ट्र में मुंबई के कोंकण तटीय क्षेत्र में प्रचुर मात्रा में बारिश हुई थी, लेकिन इस गर्मी के मौसम में शहरवासी पीने योग्य पानी को तरस रहे हैं।
वर्ष 2009 के मानसून में बारिश कम होने की वजह से कुल वर्षा में 25 फीसदी की कमी आई और 1.4 करोड़ की आबादी पर इसका असर दिख रहा है। बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) भी पानी की आपूर्ति में 15 से 30 फीसदी की कटौती कर रहा है।
पिछले तीन महीने से पानी की बड़ी पाइपलाइनों के फटने की वजह से समस्या और जटिल हो गई है। दो दर्जन से भी अधिक पाइपों के फटने से लाखों लीटर पानी नाले में बह जा रहा है।
नगर निगम आयुक्त एस. क्षत्रिय ने शुक्रवार को सभी पुरानी, कमजोर और क्षतिग्रस्त पाइपलाइनों के बदले जाने की घोषणा की। इसमें ठाणे से आने वाली 43 किलोमीटर लंबी तनसा झील पाइपलाइन और शहर में 17 किलोमीटर लंबी एक दूसरी पाइपलाइन शामिल है। इसकी लागत 12 अरब रुपये आएगी।
हाइड्रोलिक विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि बीएमसी छोटे और मझौले किस्म की पाइपलाइनों को बदलने का काम कर रहा है। मुंबई और बाहरी क्षेत्रों में स्थित शहरों में 4,000 किलोमीटर से अधिक लंबा पाइपलाइनों का नेटवर्क है।
निगम के शीर्ष अधिकारी बताते हैं कि चारों तरफ से अरब सागर से घिरा मुंबई शहर 437 वर्ग किलोमीटर में बसा हुआ है। शहर के पास पीने योग्य और न पीने योग्य पानी के सीमित स्त्रोत मौजूद हैं।
उन्होंने बताया कि शहर में आने वाले लोगों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है, लेकिन पानी की आपूर्ति वैसे ही स्थिर बनी हुई है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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