मुखर्जी ने असभ्य आचरण के लिए सांसदों की आलोचना की
कांग्रेस के कानूनी और मानवाधिकार विभाग द्वारा 'कानून, न्याय और आम आदमी' विषय पर आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन के समापन सत्र में मुखर्जी ने कहा कि लोकतंत्र में चर्चा के पहले सूचित किया जाना चाहिए।
मुखर्जी ने कहा कि कभी-कभी 10-20 लोग सदन पटल पर आ जाते हैं और ऐसी स्थिति पैदा कर देते हैं कि सभापति को अपने विचार व्यक्त करने से रोक दिया जाता है।
मुखर्जी ने कहा, "इससे व्यवस्था मजबूत नहीं होती, बल्कि कमजोर होती है।"
मुखर्जी की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है, जब हाल ही में संसद की कार्यवाही बार-बार अवरुद्ध होने और विपक्षी पार्टियों के विरोध प्रदर्शन की घटनाएं सामने आई हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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