देश का कानून सर्वोपरि : नरेंद्र मोदी (लीड-2)

पूछताछ के बाद बाहर आए मोदी ने कहा, "एक नागरिक और एक मुख्यमंत्री के नाते मैं देश के संविधान से बंधा हूं। कोई भी व्यक्ति इससे ऊपर नहीं है।"

मोदी ने कहा कि जांच दल ने उनको शनिवार से पहले उपस्थित होने को कहा था। इसलिए "मैं एसआईटी के सामने उपस्थित हुआ। मेरा काम मेरे आलोचकों के लिए उपयुक्त जवाब होना चाहिए। मुझे उम्मीद है कि निहित स्वार्थी तत्व अब (मेरी आलोचना) रोकेंगे।"

मोदी ने कहा कि वह चाहते हैं पूछताछ शनिवार को ही समाप्त हो जाए। "जांच अधूरी है। मैं फिर आ सकता हूं लेकिन मैं इसे आज ही खत्म करना चाहता हूं।"

मोदी ने कहा, "यदि अभी भी किसी को भ्रम है तो मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि एसआईटी को सर्वोच्च न्यायालय ने बनाया है और इसमें सर्वोच्च न्यायालय द्वारा नियुक्त अधिकारी हैं, जो उसके ही निर्देश पर कार्य कर रहे हैं। इसमें राज्य सरकार का कोई अधिकारी नहीं है। पूछताछ अभी पूरी नहीं हुई है। मैं चाहता हूं कि पूछताछ आज ही पूरी हो जाए। संभवत: नौ बजे तक मैं फिर वापस लौटूंगा।"

इससे पहले मोदी से पूछताछ करीब पांच घंटे से अधिक चली। सफेद कुर्ता और पायजामा पहने मोदी कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच दोपहर एसआईटी के कार्यालय पहुंचे। मोदी पुराने सचिवालय में एसआईटी के सामने पेश हुए, जहां सुबह से ही पत्रकार उनका इंतजार कर रहे थे। दंगों के मामले में मोदी से पहली बार पूछताछ हुई।

पुलिस ने पूरे परिसर की घेराबंदी की थी और पत्रकारों को अंदर जाने की अनुमति नहीं थी।

दंगों में मारे गए कांग्रेस के पूर्व सांसद एहसान जाफरी की पत्नी जाकिया जाफरी द्वारा उठाए गए मामले पर एसआईटी ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता मोदी को पूछताछ के लिए पेश होने के लिए नोटिस जारी किया था।

एसआईटी ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता मोदी को 11 मार्च को नोटिस जारी कर 21 मार्च को शुरू हुए सप्ताह के दौरान पूछताछ के लिए पेश होने को कहा था।

जाकिया जाफरी ने आरोप लगाया था कि मोदी और उनका प्रशासन अहमदाबाद की गुलबर्ग सोसायटी में हुए दंगे में शामिल था और उसने उसे बढ़ावा दिया। सोसायटी में दंगाइयों ने आग लगा दी, इस घटना में एहसान जाफरी सहित 60 लोग मारे गए।

शिकायत में आरोप लगाया गया कि मुख्यमंत्री ने कथित रूप से अधिकारियों और पुलिस को दंगाइयों के खिलाफ कोई कदम नहीं उठाने का निर्देश दिया।

एक आधिकारिक प्रवक्ता जयनारायण व्यास ने कहा कि पूछताछ के लिए मोदी के पेश होने से राज्य सरकार पर कोई विपरीत प्रभाव नहीं पड़ेगा।

उन्होंने कहा, "हमने हमेशा कहा कि वह कानून का पालन करेंगे। वह सहयोग कर रहे हैं।"

भाजपा प्रवक्ता रामनाथ कोविंद ने कहा, "हमें मोदी पर गर्व है। वह कानून का पालन करने वाले मुख्यमंत्री हैं। हमें उन पर गर्व महसूस करना चाहिए।"

केंदं्रीय कानून मंत्री एम.वीरप्पा मोइली ने नई दिल्ली में कांग्रेस के एक कार्यक्रम से इतर पत्रकारों से कहा कि किसी भी मुख्यमंत्री के लिए ऐसी स्थिति में पड़ना दुर्भाग्यपूर्ण है।

मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने मोदी से नैतिकता के आधार पर इस्तीफा देने को कहा।

माकपा नेता एम.के.पंधे ने आईएएनएस से कहा, " मुख्यमंत्री पद पर बने रहने का कोई तर्क नहीं है। उनको नैतिक आधार पर इस्तीफा देना चाहिए। इसमें कोई संदेह नहीं कि दंगों के मामले में वह दोषी हैं।"

दंगा पीड़ितों के लिए संघर्ष कर रहीं सामाजिक कार्यकर्ता तीस्ता सीतलवाड़ ने कहा कि लोकतंत्र और कानून के शासन में यह एक महत्वपूर्ण दिन है जब एक मुख्यमंत्री को न्याय में बाधा डालने के कई प्रयासों के बाद एक जांच दल के सामने पेश होने को बाध्य किया गया है।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+