जमीन का हक मांगने पर जनजाति परिवारों पर जुल्म
भोपाल, 25 मार्च (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के बुधनी विधानसभा क्षेत्र में वनाधिकार अधिनियम के मुताबिक जनजातीय परिवारों को जमीन का मालिकाना हक नहीं मिल पा रहा है। इतना ही नहीं जमीन का हक मांगने पर उनकी फसलों को उजाड़ दिया गया और झूठे मामले बनाकर उन्हें जेल तक भेजा जा रहा है।
बुधनी से भोपाल पहुंचे जनजातीय परिवारों के प्रतिनिधियों ने कांग्रेस दफ्तर में संवाददाताओं को बताया कि वे पिछले एक दशक से भी अधिक समय से खटपुरा में काबिज हैं। उनके पास जमीन है, यह बात राजस्व एवं वन विभाग द्वारा की गई कार्रवाई से स्पष्ट होती है। इसके बावजूद उनकी दिसंबर 2008 में लगभग 300 एकड़ क्षेत्र में लहलहाती फसल उजाड़ दी गई।
गांव के बुजुर्ग नाहर सिंह बताते हैं कि वन विभाग और पुलिस के अधिकारी उन्हें प्रताड़ित कर रहे हैं। जनजातीय परिवार के अनेक लोगों पर काले हिरण के शिकार जैसे गंभीर आरोप लगाकर जेल भेजा गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि कुछ लोगों की खटपुरा गांव की जमीन पर नजर है और उन्हीं के इशारे पर प्रताड़ना का दौर चल रहा है।
खटपुरा गांव की फसल उजाड़ने की एक सीडी कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष सुरेश पचौरी ने जारी करते हुए बताया, "प्रदेश में 70 फीसदी से अधिक वनाधिकार के दावों को निरस्त कर दिया गया है। प्रदेश में वनाधिकार अधिनियम का लाभ हकदारों को नहीं मिल पा रहा है। हाल यह है कि हक मांगने पर उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा है। कांग्रेस की ओर से इस मामले में राज्यपाल को ज्ञापन भी सौंपा गया है।"
इंडो-एशियन न्यजू सर्विस।












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