गोदामों में सड़ रहा गेहूं, नई फसल आने की तैयारी
चण्डीगढ़, 25 मार्च (आईएएनएस)। पंजाब में 72 लाख टन से अधिक गेहूं गोदामों में सड़ रहा है। माना जा रहा है कि इस बार भी गेहूं की पैदावार अच्छी होगी। ऐसे में सरकार के सामने भंडारण की समस्या एक चुनौती बन कर आ खड़ी हुई है।
पंजाब मंडी बोर्ड के अध्यक्ष अजमेर सिंह लाखोवाल ने आईएएनएस से कहा, "हमने उपायुक्तों से गेहूं रखने के लिए स्थान के बारे पूछा है। " राज्य में विभिन्न गोदामों में 72 लाख टन से अधिक गेहूं जमा है, जिसमें कुछ तीन वर्षो से गोदामों में पड़ा है। लगभग 65 लाख टन गेहूं खुले में रखा है।
लाखोवाल ने कहा, "कई गोदामों मे रखा गेहूं अब खाने योग्य नहीं रहा लेकिन केंद्र हमारी बात को नहीं सुन रहा है। करोड़ों रुपये का गेहूं गोदामों में सड़ रहा है लेकिन केंद्र इसके निर्यात को लेकर निर्णय नहीं ले रही है।" उन्होंने कहा कि 500-800 करोड़ रुपये मूल्य का गेहूं बरबाद हुआ है।
राज्य में खाद्य और आपूर्ति विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि देश में जहां कई हिस्सों में बड़ी संख्या में लोगों को अन्न की कमी की समस्या है वहीं यहां हम इसकी भारी मात्रा को लेकर परेशान हैं।
सरहिंद में बड़ी मात्रा में गेहूं खुले में रखा है। उसकी सुरक्षा के लिए केवल प्लास्टिक की चादर रखी गई है जिसे हवा अक्सर उड़ा ले जाती है। पंजाब और हरियाणा में गत वर्ष 180 लाख टन गेहूं का उत्पादन हुआ था।
उल्लेखनीय है कि देश भर में गेहूं के कुल उत्पादन में पंजाब का योगदान 50 फीसदी है। इस संदर्भ में पंजाब और हरियाणा के किसान केंद्र की कृषि नीतियों को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर करते रहे हैं।
फतेहगढ़ साहिब के किसान हरपाल सिंह का मानना है कि किसानों को लेकर केंद्र की नीति उचित नहीं है। उन्होंने कहा अनाज सड़ रहा है लेकिन उसका निर्यात नहीं किया जा रहा है।
सिंह ने कहा, "किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य भी नहीं मिल रहा है। अधिक मूल्य में बाहर से अनाज आयात किया जा रहा है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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