हेडली तक पहुंचने में अमेरिका ने लगाया अड़ंगा (लीड-2)
सरकार ने हालांकि आधिकारिक रूप से इस पर कोई टिप्पणी नहीं की है, लेकिन सूत्रों ने कहा है कि उन्हें अभी भी उम्मीद है कि अमेरिका मुंबई हमले के साजिशकर्ता हेडली तक पहुंचने की अनुमति देने से इंकार नहीं करेगा।
सूत्र ने कहा, "यदि अमेरिका ने इंकार किया तो इससे हमारे संबंधों पर असर पड़ेगा। लेकिन हमें उम्मीद है कि हम हेडली तक पहुंचने में सफल होंगे।"
भारत में अमेरिकी राजदूत टिमोथी जे. रोमर ने कहा है कि हेडली से भारत को सीधी पूछताछ की इजाजत दिए जाने के बारे में फिलहाल कोई फैसला नहीं हुआ है।
हेडली ने अमेरिका की एक अदालत में पिछले दिनों अपना जुर्म कबूल कर लिया था। पिछले दिनों अमेरिका के दक्षिण एशिया मामलों के सहायक विदेश मंत्री रॉबर्ट ओ. ब्लेक ने इस बात के संकेत दिए थे कि भारत हेडली से पूछताछ कर सकता है।
रोमर ने मंगलवार को कहा, "अमेरिकी सहायक विदेश मंत्री ने इस ओर इशारा किया था कि आतंकवाद के मसले पर अमेरिका पूरी सूचना साझा करने के लिए प्रतिबद्ध है। हेडली मामले में हमने भारत सरकार को ठोस जानकारियां मुहैया कराई हैं और आगे भी ऐसा करते रहेंगे। पूछताछ के बारे में अब तक कोई निर्णय नहीं लिया गया है।"
अमेरिकी राजदूत ने कहा कि इस मामले में सहयोग के लिए अमेरिकी न्याय विभाग भारत सरकार के साथ मिलकर काम करेगा।
ब्लेक से शनिवार को जब पूछा गया कि भारतीय जांच अधिकारियों को हेडली से पूछताछ की इजाजत दी जाएगी तो उन्होने कहा था, "मेरा उत्तर हां होगा।"
ब्लेक के इस बयान और अमेरिकी एटार्नी जनरल एरिक होल्डर से फोन पर हुई बातचीत के बाद केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदंबरम ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी और दूसरी एजेंसियों से हेडली से पूछताछ के संबंध में दस्तावेज तैयार करने के लिए कहा था।
रोमर की टिप्पणी पर राजनीतिक गलियारों में राजनीति गरम हो गई है।
मुख्य विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) रोमर की टिप्पणी को मामले के 'टाय-टाय फिस्स' होने का संकेत बताया है।
भाजपा प्रवक्ता प्रकाश जावड़ेकर ने आईएएनएस को बताया, "अमेरिका की ओर से और संप्रग सरकार की विदेश नीति का टाय-टाय फिस्स होना है। अमेरिकी राजदूत अब कह रहे हैं कि उन्होंने इस मुद्दे पर कोई निर्णय नहीं लिया है, जबकि गृह मंत्री पी.चिदंबरम अमेरिका जांच दल भेजने की तैयारी कर रहे हैं।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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