राजस्थान तेल क्षेत्र में 6.5 अरब बैरल तेल (लीड-1)
केयर्न इंडिया के प्रबंध निदेशक व मुख्य कार्यकारी राहुल धीर ने संवाददाताओं से कहा, "हमने इस ब्लॉक की एक व्यापक आंतरिक समीक्षा की है। हमने अमेरिकी कंपनी डीगोल्यर और मैकनॉटन से भी स्वतंत्र अनुमान लगाने को कहा था। उनका अनुमान और हमारा अनुमान लगभग एक जैसा है।"
उन्होंने कहा, "हम समझते हैं कि वहां (राजस्थान ब्लॉक में) 6.5 अरब बैरल तेल है।"
कंपनी वर्तमान में 20,000 बैरल तेल का उत्पादन करती है और 2010 तक यह उत्पादन बढ़कर 125,000 बैरल होने की उम्मीद है।
बाड़मेर क्षेत्र के लिए स्वीकृत अधिकतम क्षमता 175,000 बैरल तेल प्रतिदिन (बीओपीडी) है। इस क्षेत्र का आकार बढ़ने के साथ यह क्षमता 240,000 बीओपीडी तक बढ़ जाएगी।
बाड़मेर क्षेत्र में केयर्न की 70 प्रतिशत हिस्सेदारी है, शेष 30 प्रतिशत हिस्सेदारी सरकार द्वारा संचालित ओएनजीसी की है। केयर्न इंडिया अब तक इस परियोजना पर करीब चार अरब डॉलर खर्च कर चुकी है। वर्ष 2011 तक वह इसमें दो अरब डॉलर का और निवेश करेगी।
धीर ने कहा, "240,000 बीओपीडी के लिए यह पर्याप्त नहीं है। इसमें और निवेश किया जाएगा।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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